पूर्व सैनिकों और युवाओं के बीच राहुल गांधी ने दिया बड़ा संदेश
उत्तराखण्ड सत्य,देहरादून
सैन्य परंपरा और वीरभूमि के रूप में पहचान रखने वाले उत्तराखंड में एक बार फिर अग्निवीर योजना राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गई है। चुनावी माहौल बनने से पहले कांग्रेस ने सेना, पूर्व सैनिकों और युवाओं से जुड़े इस मुद्दे को मजबूती से उठाते हुए भाजपा सरकार को घेरने की रणनीति तेज कर दी है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खराब मौसम के चलते पौड़ी में आयोजित पूर्व सैनिक सम्मेलन में भले ही प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हो पाए, लेकिन पंतनगर एयरपोर्ट से दिल्ली लौटने के बाद उन्होंने वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन को संबोधित कर उत्तराखंड के सैनिक परिवारों और युवाओं तक अपना संदेश पहुंचाया। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने अग्निपथ योजना पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यह व्यवस्था भारतीय सेना की पुरानी परंपरा और मजबूती को प्रभावित करने वाली है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस व्यवस्था के िखलाफ है और केंद्र में कांग्रेस सरकार बनने पर अग्निपथ योजना को समाप्त कर पुरानी नियमित भर्ती प्रक्रिया बहाल की जाएगी। उत्तराखंड देश के उन राज्यों में शामिल है, जहां लगभग हर गांव का कोई न कोई रिश्ता सेना से जुड़ा हुआ है। बड़ी संख्या में युवा सेना भर्ती की तैयारी करते हैं और लाखों परिवार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। यही वजह है कि अग्निवीर योजना को लेकर चल रही बहस का राजनीतिक महत्व और बढ़ जाता है। राहुल गांधी ने इसी भावनात्मक जुड़ाव को केंद्र में रखते हुए कहा कि देश की रक्षा करने वाले सैनिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अग्निवीर व्यवस्था सैनिक और सरकार के बीच वर्षों से चले आ रहे भरोसे के रिश्ते को कमजोर करती है। राहुल गांधी ने कहा कि देश का युवा सेना में भर्ती होकर राष्ट्र सेवा का सपना देखता है। ऐसे में सेना में सेवा करने वाले युवाओं को भविष्य की सुरक्षा और सम्मान मिलना चाहिए। अपने करीब 22 मिनट के संबोधन में राहुल गांधी ने केवल अग्निवीर ही नहीं बल्कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से छोटे कारोबार, किसान और एमएसएमई सेक्टर प्रभावित हो रहे हैं। राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौतों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र को विदेशी प्रतिस्पर्धा के लिए खोलना किसानों के हित में नहीं है। उन्होंने दावा किया कि छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूत करने की जरूरत है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार उत्तराखंड जैसे सैन्य प्रभाव वाले राज्य में अग्निवीर का मुद्दा आने वाले समय में और तेज हो सकता है। कांग्रेस इसे युवाओं और पूर्व सैनिकों से जुड़े सम्मान और भविष्य की सुरक्षा का सवाल बनाकर जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है। वहीं भाजपा इस योजना को सैन्य सुधार और युवाओं को अवसर देने वाला कदम बताती रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि अग्निपथ योजना से सेना अधिक आधुनिक और ऊर्जावान बनेगी तथा युवाओं को अनुशासन और कौशल के नए अवसर मिलेंगे। फिलहाल अग्निवीर योजना केवल सरकारी नीति का विषय नहीं रह गई है, बल्कि यह राजनीतिक विमर्श का बड़ा मुद्दा बन चुकी है। उत्तराखंड में जहां सेना से जुड़ाव भावनात्मक विषय माना जाता है, वहां कांग्रेस इसे बड़ा चुनावी हथियार बनाने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा इस मुद्दे पर अपना पक्ष किस मजबूती से जनता तक पहुंचाती है और कांग्रेस सैनिक परिवारों व युवाओं के बीच कितनी पैठ बना पाती है।

