धामी सरकार ने पांच नई योजनाएं शुरू कीं, मोबाइल मेडिकल वैन से गांव-गांव पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवा
► श्री श्रमिकों के लिए पांच बड़े तोहफे।
► पोषण योजना से श्रमिक परिवारों को पोषण सहायता।
► शिक्षा सामग्री योजना के तहत बच्चों को अध्ययन सामग्री।
► स्वच्छता सामग्री वितरण के जरिए हाइजीन किट उपलब्ध।
► योग एवं वेलनेस में हर वर्ष 210 बच्चों को निःशुल्क प्रशिक्षण।
► दो मोबाइल मेडिकल वैन से 44 तरह की निःशुल्क जांच।
उत्तराखण्ड सत्य, देहरादून
विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच श्रमिक वर्ग को साधने की दिशा में धामी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए उत्तराऽण्ड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए पांच नई कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में योजनाओं की शुरुआत करने के साथ ही दो अत्याधुनिक मेडिकल मोबाइल वैन को भी हरी झंडी दिऽाई। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से श्रमिकों को पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और कौशल विकास जैसी बुनियादी सुविधाएं एक ही छतरी के नीचे उपलब्ध होंगी। प्रदेश सरकार ने इस पहल के जरिए श्रमिक कल्याण को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित न रऽते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने का प्रयास किया है। विशेष रूप से मोबाइल मेडिकल वैन के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रें में कार्यरत श्रमिकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की व्यवस्था को इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पोषण योजना के तहत श्रमिक परिवारों को पोषण सहायता मिलेगी, जबकि मुख्यमंत्री शिक्षा सामग्री योजना के माध्यम से श्रमिकों के बच्चों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित मुख्यमंत्री स्वच्छता सामग्री वितरण कार्यक्रम के तहत परिवारों को हाइजीन किट वितरित की जाएगी। सरकार ने कौशल विकास को भी योजनाओं का हिस्सा बनाया है। मुख्यमंत्री योग एवं वेलनेस आरोग्य योजना के तहत हर वर्ष 210 बच्चों को आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 70 युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था भी की गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य परीक्षण योजना के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल वैन श्रमिकों के कार्यस्थल और आवास तक पहुंचेगी। इनमें एक्स-रे, ईसीजी सहित 44 प्रकार की जांचें निःशुल्क होंगी। टेलीमेडिसिन के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह और तीन माह तक स्वास्थ्य की निगरानी की भी व्यवस्था रहेगी। इसकी शुरुआत पौड़ी गढ़वाल और चम्पावत से की गई है, जिसे चरणबद्ध ढंग से पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों को केवल श्रमशक्ति नहीं बल्कि उत्तराऽण्ड की विकासशक्ति मानती है। उन्होंने बताया कि सरकार पहले से ही पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को औजार, साइकिल, सिलाई मशीन, आवास निर्माण के लिए आर्थिक सहायता तथा वृद्ध श्रमिकों को मासिक पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ दे रही है। हालांकि इन नई घोषणाओं की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पात्र श्रमिकों तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचता है। उत्तराऽण्ड में बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिक असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं और अभी भी कई श्रमिक बोर्ड में पंजीकरण से वंचित हैं। ऐसे में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, व्यापक पंजीकरण अभियान और नियमित निगरानी सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
स्वास्थ्य से रोजगार तक एकीकृत पहल
श्रमिकों के लिए शुरू की गई नई योजनाओं में केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, स्वच्छता और कौशल विकास को एक साथ जोड़ा गया है। मोबाइल मेडिकल वैन के जरिए दूरस्थ क्षेत्रें में 44 प्रकार की निःशुल्क जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह मिलेगी, जबकि योग एवं वेलनेस योजना से युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य श्रमिक परिवारों के जीवन स्तर में समग्र सुधार लाना है।

