Close Menu
    What's Hot

    साक्षरता में उत्तराखंड की बड़ी छलांग

    June 20, 2026

    एडवेंचर टूरिज्म का नया केंद्र बनेगा उत्तराखंड

    June 20, 2026

    चुनावी मोड में कांग्रेस,विधाानसभा वार बनेगा जीत का रोडमैप

    June 20, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • साक्षरता में उत्तराखंड की बड़ी छलांग
    • एडवेंचर टूरिज्म का नया केंद्र बनेगा उत्तराखंड
    • चुनावी मोड में कांग्रेस,विधाानसभा वार बनेगा जीत का रोडमैप
    • भीषण गर्मी से राहत के लिए पर्यावरण मित्रों को बांटे ग्लूकोज पैकेट और कैप
    • बाबा बर्फानी के भक्तों की सुरक्षा में अभेद्य कवच,यात्रा से पहले धरती से आसमान तक निगरानी
    • उत्तराखंड में ‘अग्निवीर’ पर सियासी अग्निपरीक्षा
    • चुनावी साल में धामी ने खोला दायित्वों का पिटारा
    • 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष रामपाल सिंह ने पदभार ग्रहण किया
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Uttarakhand Satya News PaperUttarakhand Satya News Paper
    • होम
    • देश

      बाबा बर्फानी के भक्तों की सुरक्षा में अभेद्य कवच,यात्रा से पहले धरती से आसमान तक निगरानी

      June 7, 2026

      चार राज्यों में भाजपा के नए सेनापति तैनात

      May 31, 2026

      पंकज जैन बने दिगम्बर जैन धर्म संरक्षिणी महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

      May 31, 2026

      अभेद्य सुरक्षा चक्र में होंगे बाबा बर्फानी के दर्शन, रूद्रपुर से 4 जुलाई को रवाना होगा जत्था

      May 24, 2026

      भाजपा नेता डॉ. राकेश मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी से की मुलाकात

      May 17, 2026
    • उत्तराखंड

      साक्षरता में उत्तराखंड की बड़ी छलांग

      June 20, 2026

      एडवेंचर टूरिज्म का नया केंद्र बनेगा उत्तराखंड

      June 20, 2026

      चुनावी मोड में कांग्रेस,विधाानसभा वार बनेगा जीत का रोडमैप

      June 20, 2026

      उत्तराखंड में ‘अग्निवीर’ पर सियासी अग्निपरीक्षा

      June 7, 2026

      चुनावी साल में धामी ने खोला दायित्वों का पिटारा

      June 7, 2026
    • मेरा शहर
      • हल्द्वानी
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • ऋषिकेश
      • अल्मोड़ा
      • चंपावत
      • चमोली
      • नैनीताल
      • रामनगर
      • किच्छा
      • टिहरी गढ़वाल
      • पौड़ी गढ़वाल
      • श्रीनगर
      • पिथौरागढ़
      • बागेश्वर
      • रुद्रप्रयाग
    • श्रेणियाँ
      • क्राइम
      • मनोरंजन
      • शिक्षा
      • धर्म-कर्म
      • लेख
    • वीडियो गैलरी
    • ई-पेपर
    • विज्ञापन
    • संपर्क
    Uttarakhand Satya News PaperUttarakhand Satya News Paper
    Home » फर्जी वोटों का खेल होगा खत्म!
    उत्तराखंड

    फर्जी वोटों का खेल होगा खत्म!

    उत्तराखंड सत्यBy उत्तराखंड सत्यNovember 29, 2025No Comments7 Mins Read
    WhatsApp Telegram Facebook Twitter LinkedIn Email
    Share
    WhatsApp Telegram Facebook Twitter LinkedIn Email

    फरवरी से उत्तराखंड में शुरू होगा एसआईआर अभियान, मुस्लिम बहुल इलाकों में हड़कंप
    अजय चड्डा,रूद्रपुर
    देवभूमि उत्तराखंड में मतदाता सूची से जुड़े सबसे बड़े अभ्यास स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआई आर)की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। फरवरी से राज्य में यह व्यापक अभियान शुरू होगा, लेकिन इसकी आहट अभी से दिखने लगी है। पड़ोसी उत्तर प्रदेश में इस प्रक्रिया की शुरुआत के बाद उत्तराखंड के कई क्षेत्रें, विशेषकर मुस्लिम बहुल इलाकों में, असामान्य दहशत और हलचल दिखाई दे रही है। सूत्रें के अनुसार, सबसे अधिक एसआईआर संबंधित पूछताछ उन्हीं क्षेत्रें से आ रही है, जहां वर्षों से डेमोग्राफी बदलने की आशंकाओं पर राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी रही है। लंबे समय से यह आरोप भी लगते रहे हैं कि उत्तराखंड की मतदाता सूचियों में हजारों ऐसे नाम दर्ज हैं जिनकी समान प्रविष्टियाँ यूपी, बिहार, बंगाल, झारखंड और अन्य राज्यों में भी मौजूद हैं। पुनरीक्षण की प्रक्रिया अभी यूपी में प्रारंभ हुई ही थी कि वहां के कई जिलों में उत्तराखंड मूल की विवाहित महिलाओं से यह पूछताछ होने लगी कि क्या उन्होंने उत्तराखंड की मतदाता सूची से अपना नाम कटवाया है या नहीं। ये महिलाएँ जिन राज्यों में ब्याही गईं, वहां उनका नाम दर्ज होने पर उन्हें यह प्रमाण देना पड़ रहा है कि पुरानी सूची से नाम हट चुका है। यही प्रक्रिया अब उत्तराखंड में भी लागू होगी, जहाँ 2003 के बाद आए मतदाताओं को यह प्रमाणित करना अनिवार्य होगा कि उनका नाम पूर्व निवास क्षेत्र की सूची से हटा दिया गया है। पिछले कुछ वर्षों में धामी सरकार ने लगातार यह दावा किया है कि कुछ क्षेत्रें में डेमोग्राफी बदलने की कोशिश, स्थायी निवास प्रमाणपत्रें में फर्जीवाड़ा,और अन्य राज्यों से आए लोगों द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे जैसी समस्याएँ बढ़ी हैं। इन्हीं आरोपों और आशंकाओं के बीच एसआईआर का ऐलान ऐसे समय हुआ है, जब राज्य सरकार इन्हें रोकने को लेकर पहले ही कई प्रशासनिक कदम उठा चुकी है। जाहिर है, इस प्रक्रिया के शुरू होते ही उन समुदायों में सबसे अधिक बेचौनी दिखाई दे रही है, जिनके बारे में अक्सर बहस होती रही है। निर्वाचन विभाग को हाल के दिनों में सबसे अधिक एसआईआर संबंधी जानकारी मुस्लिम बहुल इलाकों से प्राप्त हुई है। यहां वकीलों के विशेष समूह बनाए गए हैं, जिनका काम मतदाता सूची में दर्ज जानकारियों के मिलान, दस्तावेजों की तैयारी और फॉर्म भरने में लोगों की सहायता करना बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी कई मुस्लिम संगठनों ने अपने स्तर पर जागरूकता अभियान चलाना शुरू कर दिया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ- बी- वी- पुरुषोत्तम ने सभी राजनीतिक दलों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपने बूथ प्रबंधन को सक्रिय और सजग रखें। राज्य के 11733 मतदान केंद्रों पर बीएलओ तैनात किए जा रहे हैं, जिन्हें फर्जी, दोहरे या मृत नामों को हटाने और किसी भी आपत्ति को दर्ज करने के लिए स्पष्ट निर्देश मिले हैं। 70 विधानसभा क्षेत्रें के सभी मतदाताओं को अब अपना नाम स्वयंपूर्ण तरीके से सत्यापित करना होगा। यदि उनका नाम किसी अन्य राज्य में भी दर्ज है तो उसे हटवाना अनिवार्य होगा। एसआईआर को लागू करने में वर्ष 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाया जा रहा है। भारतीय निर्वाचन आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 तथा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 21 के तहत यह अधिकार प्राप्त करते हुए पूरे देश में इस प्रक्रिया को लागू किया है। अनुमान है कि देशभर में लगभग 10 करोड़ नाम इस पुनरीक्षण के दौरान हटाए जा सकते हैं या तो मृतक, या दोहरे, या गैर-प्रमाणित प्रविष्टियाँ। आयोग का मानना है कि साफ-सुथरी मतदाता सूची से मतदान प्रतिशत बढ़ेगा और चुनावी शुचिता भी सुनिश्चित होगी। राज्य में कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें मतदाता का नाम दो या अधिक स्थानों पर दर्ज पाया गया। कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में तो एक ही व्यक्ति के कई स्थानों पर नाम दर्ज होने का मामला प्रकाश में आया था। सीमा से लगे अनेक क्षेत्रें में यह संदेह लगातार रहा है कि बाहरी राज्यों के मतदाताओं के नाम स्थानीय सूचियों में भी मौजूद हैं। एसआईआर लागू होने के बाद ऐसी सभी प्रविष्टियों को हटाने का लक्ष्य है। एसआईआर को लेकर राजनीतिक महकमे में भी हलचल बढ़ चुकी है। कांग्रेस इसे एनडीए सरकार का राजनीतिक हथियार बता रही है और आशंका जता रही है कि मुस्लिम वोट बैंक को नुकसान पहुँचाने के लिए यह प्रक्रिया लागू की जा रही है। राहुल गांधी और निर्वाचन आयोग के बीच इस विषय पर कई बार तकरार हो चुकी है। वहीं बीजेपी का कहना है कि घुसपैठियों और दोहरे मतदाताओं को सूची में बनाए रखना लोकतंत्र के साथ अन्याय है, इसलिए यह प्रक्रिया स्वागत योग्य है। उत्तराखंड कांग्रेस भी अब राज्य में इस प्रक्रिया का विरोध करने की तैयारी कर रही है, जबकि भाजपा इसे पारदर्शी चुनाव की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम बता रही है। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान हर मतदाता को परिगणना फॉर्म भरकर बीएलओ को जमा कराना होगा। ऐसा न करने पर नाम सूची में दर्ज नहीं किया जाएगा। फॉर्म जमा करते समय मतदाता को 11 मान्य दस्तावेजों की सूची में से कम से कम दो दस्तावेज संलग्न करने होंगे। पहचान पत्र से लेकर जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मूल निवास प्रमाण पत्र, बोर्ड प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, जाति प्रमाण पत्र या भूमि आवंटन प्रमाण पत्रकृकिसी भी मान्य दस्तावेज को जोड़ा जा सकता है। जिनका जन्म 1987 से पहले हुआ है, उनके लिए एक दस्तावेज पर्याप्त होगा। 1987 से 2004 के बीच जन्म वालों को स्वयं और माता-पिता का एक-एक दस्तावेज अनिवार्य रूप से देना होगा। 2004 के बाद जन्म वालों को तीन दस्तावेज स्वयं, माता और पिता के प्रस्तुत करने होंगे। एसआईआर की प्रक्रिया केवल तकनीकी नहीं है- इसके राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव भी व्यापक होंगे। यह अभियान न केवल मतदाता सूची को स्वच्छ करेगा, बल्कि उत्तराखंड की जनसंख्या और मतदाता संरचना की वास्तविक तस्वीर भी सामने लाएगा। फरवरी से शुरू होने वाला यह पुनरीक्षण आने वाले चुनावों की दिशा, बारीक गणित और क्षेत्रीय समीकरणों पर भी गहरा असर डाल सकता है।

    एसआईआरः वोटर लिस्ट की सफाई का सबसे सख्त हथियार
    देहरादून। उत्तराखंड में इन दिनों जिस शब्द ने राजनीतिक गलियारों से लेकर मोहल्लों की चौपालों तक हलचल मचा दी है, वह है एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन। चुनाव आयोग की यह विशेष प्रक्रिया दरअसल मतदाता सूची की गहन जांच है, जिसमें हर बूथ, हर परिवार और हर दस्तावेज को उसी कठोरता से परखा जाता है जैसे किसी हाई-प्रोफाइल जांच में किया जाता है। सरल भाषा में कहें तो एसआईआर वह अभियान है जो यह तय करता है कि कौन सच में इस राज्य का मतदाता है और कौन दोहरी पहचान के सहारे या सांठगांठ से सूची में घुस आया है। इस प्रक्रिया के तहत बीएलओ घर-घर जाकर न सिर्फ पहचान सत्यापित करते हैं बल्कि उन नामों को भी ढूंढ निकालते हैं जो दो राज्यों में वोट बनवा चुके हैं या फर्जी पते के आधार पर यहां की वोटर लिस्ट में शामिल हैं। यह पहली बार है जब आयोग ने इतनी आक्रामक शैली में मतदाता सत्यापन का आदेश दिया है, और यही वजह है कि कई इलाकों में इसे लेकर असामान्य बेचौनी देखने को मिल रही है। विशेषकर उन क्षेत्रें में जहां विस्थापन, किरायेदारी और अनियमित दस्तावेजों के सहारे बड़ी संख्या में मतदाता जोड़े गए थे, वहां एसआईआर की दस्तक ने राजनीतिक समीकरण ही नहीं, सामाजिक ताने-बाने तक को हिलाकर रख दिया है। राजनीति में एसआईआर की गूंज और भी तेज है। सत्तारूढ़ दल इसे वोटर लिस्ट की फ्सफाईय् और फ्घुसपैठ पर सीधा वारय् बता रहा है, जबकि विपक्ष इसे अल्पसंख्यक मतदाताओं को निशाने पर लेने की रणनीति करार दे रहा है। सार यह है कि एसआईआर महज प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रह गई है, बल्कि आने वाले चुनावों की दिशा बदल देने वाली सबसे निर्णायक कार्रवाई के रूप में उभर रही है।

    Related

    Share. WhatsApp Telegram Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Email
    उत्तराखंड सत्य
    • Website

    Related Posts

    साक्षरता में उत्तराखंड की बड़ी छलांग

    June 20, 2026

    एडवेंचर टूरिज्म का नया केंद्र बनेगा उत्तराखंड

    June 20, 2026

    चुनावी मोड में कांग्रेस,विधाानसभा वार बनेगा जीत का रोडमैप

    June 20, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    Don't Miss
    उत्तराखंड

    साक्षरता में उत्तराखंड की बड़ी छलांग

    By उत्तराखंड सत्यJune 20, 20260

    दो वर्षों में 14-9 प्रतिशत बढ़ी साक्षरता दर, अब 98-7 प्रतिशत आबादी साक्षर,धामी कैबिनेट का…

    एडवेंचर टूरिज्म का नया केंद्र बनेगा उत्तराखंड

    June 20, 2026

    चुनावी मोड में कांग्रेस,विधाानसभा वार बनेगा जीत का रोडमैप

    June 20, 2026

    भीषण गर्मी से राहत के लिए पर्यावरण मित्रों को बांटे ग्लूकोज पैकेट और कैप

    June 20, 2026
    Stay In Touch
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    Our Picks

    साक्षरता में उत्तराखंड की बड़ी छलांग

    June 20, 2026

    एडवेंचर टूरिज्म का नया केंद्र बनेगा उत्तराखंड

    June 20, 2026

    चुनावी मोड में कांग्रेस,विधाानसभा वार बनेगा जीत का रोडमैप

    June 20, 2026

    भीषण गर्मी से राहत के लिए पर्यावरण मित्रों को बांटे ग्लूकोज पैकेट और कैप

    June 20, 2026

    Subscribe to Updates

    Get the latest Updated on your email

    About Us

    '‘‘उत्तराखंड सत्य’’ की निष्ठाओं का निर्विवाद सफर ‘‘आपके बीच’’

    'उत्तराखंड सत्य' उत्तराखंड समाचारों का डिजिटल माध्यम है।
    अपने विचार या समाचार प्रसारित करने के लिए हमसे संपर्क करें।

    मोबाइल नं. : 9837637707, 05944-247707
    ईमेल: uttrakhandsatyardr@gmail.com

    पता :शॉप नं.35, सिटी स्कवायर मॉल काशीपुर बाईपास, रोड रुद्रपुर, जिला- उधम सिंह नगर - उत्तराखंड

    Our Picks

    साक्षरता में उत्तराखंड की बड़ी छलांग

    June 20, 2026

    एडवेंचर टूरिज्म का नया केंद्र बनेगा उत्तराखंड

    June 20, 2026

    चुनावी मोड में कांग्रेस,विधाानसभा वार बनेगा जीत का रोडमैप

    June 20, 2026
    Categories
    • उत्तराखंड
    • क्राइम
    • देश
    • मनोरंजन
    • मेरा शहर
    • लेख
    • शिक्षा
    Facebook Instagram YouTube WhatsApp
    © 2026 uttarakhandsatya.com, Uttarakhand.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.