Close Menu
    What's Hot

    बाबा बर्फानी के भक्तों की सुरक्षा में अभेद्य कवच,यात्रा से पहले धरती से आसमान तक निगरानी

    June 7, 2026

    उत्तराखंड में ‘अग्निवीर’ पर सियासी अग्निपरीक्षा

    June 7, 2026

    चुनावी साल में धामी ने खोला दायित्वों का पिटारा

    June 7, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • बाबा बर्फानी के भक्तों की सुरक्षा में अभेद्य कवच,यात्रा से पहले धरती से आसमान तक निगरानी
    • उत्तराखंड में ‘अग्निवीर’ पर सियासी अग्निपरीक्षा
    • चुनावी साल में धामी ने खोला दायित्वों का पिटारा
    • 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष रामपाल सिंह ने पदभार ग्रहण किया
    • आदि कैलाश यात्रियों का त्रिशूल चौक पर भव्य स्वागत
    • फेम इंडिया की ‘सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026’ रैंकिंग में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया को में देशभर में टॉप फाइव में मिला स्थान
    • चार राज्यों में भाजपा के नए सेनापति तैनात
    • पंकज जैन बने दिगम्बर जैन धर्म संरक्षिणी महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Uttarakhand Satya News PaperUttarakhand Satya News Paper
    • होम
    • देश

      बाबा बर्फानी के भक्तों की सुरक्षा में अभेद्य कवच,यात्रा से पहले धरती से आसमान तक निगरानी

      June 7, 2026

      चार राज्यों में भाजपा के नए सेनापति तैनात

      May 31, 2026

      पंकज जैन बने दिगम्बर जैन धर्म संरक्षिणी महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

      May 31, 2026

      अभेद्य सुरक्षा चक्र में होंगे बाबा बर्फानी के दर्शन, रूद्रपुर से 4 जुलाई को रवाना होगा जत्था

      May 24, 2026

      भाजपा नेता डॉ. राकेश मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी से की मुलाकात

      May 17, 2026
    • उत्तराखंड

      उत्तराखंड में ‘अग्निवीर’ पर सियासी अग्निपरीक्षा

      June 7, 2026

      चुनावी साल में धामी ने खोला दायित्वों का पिटारा

      June 7, 2026

      20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष रामपाल सिंह ने पदभार ग्रहण किया

      June 7, 2026

      फेम इंडिया की ‘सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026’ रैंकिंग में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया को में देशभर में टॉप फाइव में मिला स्थान

      June 7, 2026

      उत्तराखंड की सादगी और संघर्ष को मिला राष्ट्रीय गौरव

      May 31, 2026
    • मेरा शहर
      • हल्द्वानी
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • ऋषिकेश
      • अल्मोड़ा
      • चंपावत
      • चमोली
      • नैनीताल
      • रामनगर
      • किच्छा
      • टिहरी गढ़वाल
      • पौड़ी गढ़वाल
      • श्रीनगर
      • पिथौरागढ़
      • बागेश्वर
      • रुद्रप्रयाग
    • श्रेणियाँ
      • क्राइम
      • मनोरंजन
      • शिक्षा
      • धर्म-कर्म
      • लेख
    • वीडियो गैलरी
    • ई-पेपर
    • विज्ञापन
    • संपर्क
    Uttarakhand Satya News PaperUttarakhand Satya News Paper
    Home » अब साधु जिहाद पर चला धामी का चाबुक
    उत्तराखंड

    अब साधु जिहाद पर चला धामी का चाबुक

    उत्तराखंड सत्यBy उत्तराखंड सत्यJuly 19, 2025No Comments5 Mins Read
    WhatsApp Telegram Facebook Twitter LinkedIn Email
    Share
    WhatsApp Telegram Facebook Twitter LinkedIn Email

    ऑपरेशन कालनेमि ने कई ढोंगी बाबाओं को किया बेनकाब, लव जिहाद, लैंड जिहाद,थूक जिहाद के बाद साधु जिहाद पर एक्शन

    उत्तराखण्ड सत्य,देहरादून
    भारत इस्लामीकरण के भयावह संकट के दौर से गुजर रहा है। लव जिहाद,भूमि जिहाद,धर्मपरिवर्तन और आतंकवाद से तो भारत जूझ ही रहा है ,अब साधु जिहाद भी उत्तराखंड में ढोंगी बाबाओं के िखलाफ चलाए जा रहे ‘कालनेमि अभियान’ में देखने में आया है। देवभूमि उत्तराखण्ड में युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चलाया जा रहा ऑपरेशन कालनेमि इन दिनों चर्चाओं में है। प्रदेश भर में इस अभियान के तहत कई ढोंगी बाबाओं को बेनकाब किया जा चुका है। राजधानी देहरादून में मात्र तीन दिन में इस अभियान के तहत 82 साधुओं की धरपकड़ की गयी। इनमें मुस्लमान तो हैं ही,बांग्लादेश से आए घुसपैठिए भी हैं। सभी मुस्लिम साधु सनातनी हिन्दू का भगवा चोला ओढ़े हुए थे। इसके अलावा प्रदेश में अन्य स्थानों में भी इसी तरह के मामले सामने आये है। अभी तो ये केवल उत्तराखंड में पकड़े गए हैं। समूचे भारत में मालूम नहीं कितने होंगे। उत्तराखंड में लव और भूमि जिहाद के बाद अब साधु जिहाद के केंद्र में आ गया है। उत्तराखंड में सबसे जयदा तीर्थ स्थल हैं। बद्रीनाथ,केदारनाथ,गंगौत्री ,यमनौत्री के अलावा हरिद्वार और ऋषिकेश भी यहीं हैं। अब तक मालूम नहीं इन मुस्लिम साधुओं ने कितने युवाओं को साधु बनने का झूठा मंत्रजाप करके मुसलमान बना दिया होगा ?कई धर्मभीरू स्त्रियां भी छली गई होंगी ? मुस्लिम और ढोंगी बाबाओं के इस तंत्र से सरकार तो अपने स्तर पर निपटेगी ही ,उस सनातनी हिंदू साधु अखाड़ों और संगठनों को भी अपनी-अपनी जगह युद्धस्तर पर निपटने की जरुरत है, वे जिन-जिन क्षेत्रें में धर्म और अध्यात्म की पताका फहरा रहे हैं। साधु-संतो के बीच अपने को ज्ञान के क्षेत्र में श्रेष्ठ बनाए रखने की प्रतिस्पर्धाघ् तो शताब्दियों से रही है, लेकिन अब इस होड़ में मुस्लिम साधुओं का शामिल होना और साधु जिहाद का तंत्र विकसित करने की पुष्ट जानकारी मिलना चिंता की बात है। मुस्लिम समाज के धर्म स्थलों पर नजर डालें तो पता चलता है कि मुल्ला-मौलवियों ने इस्लाम को धर्मांतरण,लव एवं भूमि जिहाद और आतंकवाद का औजार बनाया हुआ है। पिछले तीन दशक से यह गोरखधंधा देश के सीमांत प्रदेशों में धड़ल्ले से चल रहा है और अब देश के मध्य व ऊत्तरी क्षेत्रें में भी फैल गया है। शंकराचार्य ने साधु-संन्यासियों के सार्थक उपयोग के लिए ही चारों दिशाओं में चार मठों की स्थापना की थी। इन मठों को ज्योतिर्मठ, श्रंृगेरी, गोवर्धन और शारदा मठ के नामों से जाना जाता है। ये मठ धर्म और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के साथ सामाजिक कार्यों से तो जुड़े ही थे,धर्मांतरण पर रोक के काम भी कर रहे थे।तुलसीदास ने भी धर्मांतरण के विरुद्ध अपनी कविताओं के माध्यम से आक्रामकता लाकर धर्मभीरू जनता को जागरूक किया था। अकबर के शासनकाल में इस जागरूकता इस अभियान को अपराध माना गया। परिणामतः उन्हें कारागार में डाल दिया गया था । भष्ट्राचार के चलते भारत का संस्थागत एवं प्रशासनिक ढ़ांचा गड़बड़या हुआ है। बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के भी आधार,मतदाता और राशन कार्ड बना दिए गए।नरेंद्र मोदी सरकार इस समस्या से युद्धस्तर पर लड़ रही है। ऐसे में मानवीय पक्षों को उभारते हुए धार्मिक ट्रस्ट और उनका संरक्षक साधु समाज को इस्लामिक और ढोंगी बाबाओं के आगे आकर पर्दाफाश करना होगा। भारत के मंदिरो, गुरूद्वारो में भक्तों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और भक्त सामर्थ्य से ज्यादा दिल खोलकर दान भी दे रहे हैं। भारत के हर परिर्वतनकारी युग में मठ, मंदिरों और साधुओं ने सास्ंकृतिक चेतना का नवजागरण कर राष्ट्र निर्माण को नया मोड़ देते हुए समय-समय पर उदात्त भावनाओं और मंगलकारी सिद्धान्तो का प्रतिपादन किया है। जिससे धर्म, दीर्धकालीक सत्ताधारियों के राजनीतिक लाभ का हितपोषक न बना रहे।आज देश पर धर्मांतरण और कई तरह के जिहादों का संकट मंडरा रहा है, इससे साधु समाज को निपटने के लिए आगे आने की जरूरत है। स्ंवतत्रता पूर्व भारत में करीब 60 लाख साधु थे, लेकिन वर्तमान में इनकी संख्या बढ़कर एक करोड़ के राजनीतिक लाभ का हितपोषक न बना रहे।आज देश पर धर्मांतरण और कई तरह के जिहादों का संकट मंडरा रहा है, इससे साधु समाज को निपटने के लिए आगे आने की जरूरत है। स्ंवतत्रता पूर्व भारत में करीब 60 लाख साधु थे, लेकिन वर्तमान में इनकी संख्या बढ़कर एक करोड़ के ऊपर पहुंच गई है। इनके पन्द्रह अखाड़े हैं। जिनके नियम साधुओं पर लागू होते हैं। हालांकि साधु समाज की इस गणना में रोगी, भिखारी, बाजीगार, सपेरे, नट, मदारी, लावारिस और अपाहिज भी शुमार हैं। इनकी संख्या 80 प्रतिशत है। पहुंचा हुआ साधु इन्हें साधु नहीं मानता। ऐसे ही साधुओं की बदौलत घर्म और नैतिकता का मूलमंत्र खंडित हो रहा है। ये साधु ग्रामीण क्षेत्रें में आसानी से पैठ बनाकर ग्रामीणों को गांजा, भांग, बीड़ी, सिगरेट जैसे व्यसनों का आदि बना देते हैं। यही साधु वेषधारी हत्या, बलात्कार, ठगी और अपहरण जैसे गंभीर मामलों के अरोपी भी निकलते हैं। अब इन्हीं में मुसलमानों ने शामिल होकर हिंदू धर्म को भृष्ट करने के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।दरअसल इन साधुओं को जब अनपेक्षित मान सम्मान मिलने लगता है तो यह बौरा जाते हैं। नतीजतन ज्यादा से ज्यादा धन बटोरने और भौतिक सुविधायें जुटाने में लग जाते हैं। ऐसे साधुओं की जहां जनता द्वारा उपेक्षा की जाने की जरूरत है, वहीं हिंदू साधु समाज को इनके नकलीपन से पर्दाफाश करने की मुहिम चलाने की जरूरत है।

    Related

    Share. WhatsApp Telegram Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Email
    उत्तराखंड सत्य
    • Website

    Related Posts

    उत्तराखंड में ‘अग्निवीर’ पर सियासी अग्निपरीक्षा

    June 7, 2026

    चुनावी साल में धामी ने खोला दायित्वों का पिटारा

    June 7, 2026

    20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष रामपाल सिंह ने पदभार ग्रहण किया

    June 7, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    Don't Miss
    देश

    बाबा बर्फानी के भक्तों की सुरक्षा में अभेद्य कवच,यात्रा से पहले धरती से आसमान तक निगरानी

    By उत्तराखंड सत्यJune 7, 20260

    नई दिल्ली/जम्मू। आस्था के सबसे बड़े प्रतीकों में शामिल श्री अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और…

    उत्तराखंड में ‘अग्निवीर’ पर सियासी अग्निपरीक्षा

    June 7, 2026

    चुनावी साल में धामी ने खोला दायित्वों का पिटारा

    June 7, 2026

    20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष रामपाल सिंह ने पदभार ग्रहण किया

    June 7, 2026
    Stay In Touch
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    Our Picks

    बाबा बर्फानी के भक्तों की सुरक्षा में अभेद्य कवच,यात्रा से पहले धरती से आसमान तक निगरानी

    June 7, 2026

    उत्तराखंड में ‘अग्निवीर’ पर सियासी अग्निपरीक्षा

    June 7, 2026

    चुनावी साल में धामी ने खोला दायित्वों का पिटारा

    June 7, 2026

    20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष रामपाल सिंह ने पदभार ग्रहण किया

    June 7, 2026

    Subscribe to Updates

    Get the latest Updated on your email

    About Us

    '‘‘उत्तराखंड सत्य’’ की निष्ठाओं का निर्विवाद सफर ‘‘आपके बीच’’

    'उत्तराखंड सत्य' उत्तराखंड समाचारों का डिजिटल माध्यम है।
    अपने विचार या समाचार प्रसारित करने के लिए हमसे संपर्क करें।

    मोबाइल नं. : 9837637707, 05944-247707
    ईमेल: uttrakhandsatyardr@gmail.com

    पता :शॉप नं.35, सिटी स्कवायर मॉल काशीपुर बाईपास, रोड रुद्रपुर, जिला- उधम सिंह नगर - उत्तराखंड

    Our Picks

    बाबा बर्फानी के भक्तों की सुरक्षा में अभेद्य कवच,यात्रा से पहले धरती से आसमान तक निगरानी

    June 7, 2026

    उत्तराखंड में ‘अग्निवीर’ पर सियासी अग्निपरीक्षा

    June 7, 2026

    चुनावी साल में धामी ने खोला दायित्वों का पिटारा

    June 7, 2026
    Categories
    • उत्तराखंड
    • क्राइम
    • देश
    • मनोरंजन
    • मेरा शहर
    • लेख
    • शिक्षा
    Facebook Instagram YouTube WhatsApp
    © 2026 uttarakhandsatya.com, Uttarakhand.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.