30 जून से तत्काल पंजीकरण, 3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा, जम्मू में ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा
उत्तराखण्ड सत्य,जम्मू
बाबा बर्फानी के पवित्र दर्शन के लिए इस वर्ष अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। 3 जुलाई से शुरू होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा से पहले प्रशासन ने 30 जून से तत्काल (ऑन द स्पॉट) पंजीकरण की व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया है। इससे वे श्रद्धालु भी यात्रा में शामिल हो सकेंगे, जो पूर्व पंजीकरण नहीं करा पाए हैं। हालांकि प्रशासन ने मौसम को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह भी जारी की है, क्योंकि यात्रा के शुरुआती दिनों में भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन के अनुसार ऑन द स्पॉट पंजीकरण की प्रक्रिया जम्मू तवी रिवर फ्ंट पर संचालित की जाएगी। यहां आने वाले श्रद्धालुओं का पहले स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा और आवश्यक मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इसके बाद उन्हें टोकन उपलब्ध कराए जाएंगे। एक और दो जुलाई को बायोमैट्रिक सत्यापन तथा ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यात्रा परमिट जारी किया जाएगा। प्रशासन ने सलाह दी है कि तीन जुलाई से यात्रा करने वाले श्रद्धालु 29 या 30 जून तक जम्मू पहुंच जाएं, ताकि समय पर सभी औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। इस बार यात्रा की तैयारियों के बीच मौसम सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आ सकता है। यात्रा मार्ग पर लगातार वर्षा की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं को पहले से ही सावधानी बरतने की सलाह दी है। अनुमान है कि दो जुलाई को भी भारी बारिश हो सकती है, जबकि पांच जुलाई के बाद मौसम और अधिक खराब होने की आशंका है। लगातार बारिश होने की स्थिति में तत्काल पंजीकरण की प्रक्रिया भी अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है। ऐसे में श्रद्धालुओं से यात्रा की योजना बनाते समय मौसम की जानकारी पर लगातार नजर रखने की अपील की गई है। अमरनाथ यात्रा का मार्ग ऊंचाई और कठिन चढ़ाई के कारण चुनौतीपूर्ण माना जाता है। विशेष रूप से गणेश टॉप जैसे क्षेत्रें में ऑक्सीजन का स्तर कम होने से यात्रियों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। प्रशासन ने सलाह दी है कि श्रद्धालु जल्दबाजी से बचें, धीरे-धीरे चढ़ाई करें और किसी भी परिस्थिति में निर्धारित मार्ग छोड़कर शॉर्टकट का प्रयोग न करें। बारिश के दौरान फिसलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए मौसम खराब होने पर सुरक्षित शिविरों में रुकना ही बेहतर होगा। श्रद्धालुओं को पर्याप्त गर्म कपड़े, रेनकोट, छाता, टॉर्च, मजबूत ट्रैकिंग जूते तथा नियमित उपयोग की आवश्यक दवाइयां साथ रखने की सलाह दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रें में मौसम अचानक बदल सकता है और तापमान तेजी से गिर सकता है। ऐसे में उचित तैयारी यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यात्रा मार्ग पर तैनात सुरक्षा बलों, प्रशासनिक अधिकारियों और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालु किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल अधिकृत सूचना के आधार पर ही यात्रा संबंधी निर्णय लें। सुरक्षा, स्वास्थ्य और मौसम संबंधी सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकें।
तत्काल पंजीकरण की सुविधा से राहत
अमरनाथ यात्रा इस वर्ष केवल आस्था की नहीं बल्कि सावधानी की भी परीक्षा मानी जा रही है। एक ओर प्रशासन ने बिना पूर्व पंजीकरण वाले श्रद्धालुओं के लिए 30 जून से तत्काल पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराकर बड़ी राहत दी है, वहीं दूसरी ओर लगातार बारिश और खराब मौसम की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। समय से जम्मू पहुंचना, निर्धारित प्रक्रिया पूरी करना, पर्याप्त गर्म कपड़े और आवश्यक सामग्री साथ रखना तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करना इस बार सुरक्षित और सफल यात्रा की सबसे बड़ी शर्त माना जा रहा है।
ऑपरेशन हॉक आई के सुरक्षा घेरे में होगी अमरनाथ यात्रा
उत्तराखण्ड सत्य, श्रीनगर। तीन जुलाई से शुरू होने वाली 57 दिवसीय श्री अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस बार अब तक की सबसे व्यापक और तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। आतंकवाद, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य संभावित खतरों से निपटने के लिए अनंतनाग पुलिस ने श्ऑपरेशन हॉक आईश् शुरू किया है। इस हाईटेक सुरक्षा अभियान के तहत यात्रा मार्ग पर आसमान से लेकर जमीन तक चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी, ताकि लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित रहे। ऑपरेशन हॉक आई के तहत संवेदनशील क्षेत्रें में पांच ड्रोन डिटैचमेंट तैनात किए गए हैं, जो अत्याधुनिक कैमरों की मदद से रियल टाइम निगरानी करेंगे। इसके अलावा पूरे यात्रा मार्ग पर 416 हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिन्हें फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस) से जोड़ा गया है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की पहचान होते ही इसकी सूचना तत्काल कंट्रोल रूम और सुरक्षा बलों तक पहुंच जाएगी। जमीनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए यात्रा मार्ग पर 28 ऊंचे निगरानी मचान स्थापित किए गए हैं, जबकि 22 प्रशिक्षित स्नाइपर टीमों को रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि यह बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र किसी भी आतंकी या आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने में सक्षम होगा।
रुद्रपुर से 100 शिवभक्तों का जत्था 4 जुलाई को होगा रवाना, तैयारियों को दिया गया अंतिम रूप
रुद्रपुर- बाबा बर्फानी के पवित्र दर्शन के लिए श्री अमरनाथ जी सेवा मण्डल की ओर से आयोजित होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार भी रुद्रपुर से 100 श्रद्धालुओं का जत्था बाबा अमरनाथ और माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए रवाना होगा। यात्रा को लेकर शिवभक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। गुरुवार को शहर के एक होटल में आयोजित बैठक में यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के साथ ही श्रद्धालुओं को यात्रा किट वितरित की गई तथा सुरक्षित और सफल यात्रा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। संस्था के अध्यक्ष अजय चîóा ने बताया कि पिछले लगभग पांच माह से यात्रा की तैयारियां लगातार चल रही थीं। सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं और यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा तथा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष यात्रा की शुरुआत भी विशेष धार्मिक आयोजन के साथ होगी। उन्होंने बताया कि 4 जुलाई को यात्रा प्रारंभ होने से पहले रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा द्वारा शहर में प्रस्तावित डमरू चौक का भूमिपूजन किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं का जत्था शाम को दिल्ली के लिए रवाना होगा। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष यात्रा का शुभारंभ त्रिशूल चौक के भूमिपूजन से किया गया था, जबकि इस बार डमरू चौक के भूमिपूजन के साथ यात्रा का शुभारंभ होगा। यात्रा कार्यक्रम के अनुसार 5 जुलाई को श्रद्धालु दिल्ली से हवाई मार्ग द्वारा श्रीनगर पहुंचेंगे। 6 जुलाई को सभी यात्राी बालटाल बेस कैंप पहुंचेंगे और 7 जुलाई को बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा में दर्शन एवं पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद 8 और 9 जुलाई को श्रीनगर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया जाएगा। 10 जुलाई को पूरा जत्था कटरा पहुंचकर माता वैष्णो देवी के दर्शन करेगा। यात्रा सम्पन्न होने के बाद 12 जुलाई की रात सभी श्रद्धालु गरीब रथ एक्सप्रेस से रुद्रपुर के लिए रवाना होंगे और 13 जुलाई की दोपहर तक वापस शहर पहुंचेंगे। बैठक के दौरान श्रद्धालुओं को यात्रा से संबंधित सामग्री की किट वितरित की गई। साथ ही यात्रा के दौरान स्वास्थ्य, सुरक्षा, मौसम और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि यात्रा अनुशासन और सुरक्षा के साथ संपन्न कराना उनकी प्राथमिकता है। यात्रा की कमान अध्यक्ष अजय चड्डा,संस्थापक सुनील ठुकराल, सरपरस्त राजीव मिîóा, अमित अरोरा,महामंत्री मनीषचुघ, कोषाध्यक्ष अंकित नरूला, उपाध्यक्ष राजन राठौर आदि संभालेंगे।

