मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने के आरोप में कैंट कोतवाली पुलिस ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत छह कांग्रेस नेताओं को नामजद किया गया है। पुलिस ने यह कार्रवाई कैंट कोतवाली के एसएसआई रवींद्र सिंह नेगी की शिकायत के आधार पर की है।
छात्रों के समर्थन में सीएम आवास की ओर पहुंचे कांग्रेस नेता
जानकारी के मुताबिक, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय से जुड़े निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों के छात्र परीक्षा आयोजित कराने और परीक्षा परिणाम जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों के समर्थन में बुधवार देर रात कांग्रेस नेता मुख्यमंत्री आवास की ओर पहुंच गए।
इस दौरान ज्योति रौतेला, सागर मनवाल, विनीत प्रसाद भट्ट, पार्षद रॉबिन त्यागी, आयुष गुप्ता और परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
बैरिकेडिंग पार कर CM आवास के गेट नंबर-2 तक पहुंचने का आरोप
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोकने के लिए हाथीबड़कला, एनेक्सी बैरियर समेत कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी। आरोप है कि पुलिस द्वारा रोकने और निर्देश दिए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी तीन वाहनों से बैरिकेडिंग पार करते हुए मुख्यमंत्री आवास के गेट नंबर-2 तक पहुंच गए।
इसके बाद वहां देर रात तक नारेबाजी और प्रदर्शन किया गया। अतिरिक्त पुलिस बल के मौके पर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री आवास के बाहर से हटाया गया।
पुलिसकर्मियों से जबरन वाहन आगे बढ़ाने का आरोप
पुलिस ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान एक वाहन चालक ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के पास से जबरन वाहन आगे बढ़ा दिया। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए।
मामले को लेकर कैंट कोतवाली प्रभारी शंकर सिंह बिष्ट ने बताया कि एसएसआई रवींद्र सिंह नेगी की शिकायत के आधार पर ज्योति रौतेला, सागर मनवाल, विनीत प्रसाद भट्ट, पार्षद रॉबिन त्यागी, आयुष गुप्ता और परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ सुरक्षा व्यवस्था का उल्लंघन, बैरिकेडिंग पार करने और पुलिस के निर्देशों की अनदेखी करने के आरोपों में कार्रवाई की गई है।
नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध पुलिस/मामले से संबंधित विवरण के आधार पर तैयार की गई है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।![]()
