औद्योगिक विकास की नई धुरी बनेगा खुरपिया
दिसंबर 2028 तक पूरा होगा इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर का मुख्य ढांचा,
सड़क और बिजली कनेक्टिविटी पर सरकार का विशेष फोकस
देहरादून। उत्तराखंड के औद्योगिक नक्शे पर खुरपिया अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) खुरपिया को प्रदेश में औद्योगिक निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का नया केंद्र बनाने की दिशा में काम तेज हो गया है। राज्य सरकार ने इसके मुख्य बुनियादी ढांचे को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्माण में गति के साथ गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री आवास से नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट की तृतीय शीर्ष निगरानी बैठक में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए मुख्यमंत्री ने आईएमसी खुरपिया की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए निर्धारित 1002 एकड़ भूमि पूरी तरह एनयूआईटीएल के कब्जे में है और परियोजना स्थल पर फिलहाल कोई बाधा नहीं है। निर्माण, खरीद एवं इंजीनियरिंग संबंधी अनुबंध 20 मार्च 2026 को किया जा चुका है और निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। परियोजना के तहत 24-1 किलोमीटर मार्गाधिकार साफ कर निर्माण ठेकेदार को उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके बाद सड़क सहित अन्य जरूरी कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि किसी औद्योगिक क्लस्टर की सफलता केवल फैक्ट्रियों की स्थापना से तय नहीं होती। उद्योगों के लिए बेहतर सड़क संपर्क, निर्बाध बिजली आपूर्ति और आधुनिक बुनियादी ढांचा उतना ही जरूरी है। इसी सोच के तहत आईएमसी खुरपिया के बाहरी ढांचे को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत नागला-किच्छा राज्य मार्ग-44 के करीब 10-7 किलोमीटर हिस्से को चार लेन किए जाने के लिए आवश्यक कार्यवाही और समन्वय किया जा रहा है। यह सड़क आईएमसी को बेहतर कनेक्टिविटी देने के साथ पूरे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।
बिजली के मोर्चे पर भी बड़ी तैयारी है। परियोजना को पर्याप्त और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए पिटकुल की ओर से 400/220 केवी विद्युत उपकेंद्र के समयबद्ध निर्माण की दिशा में काम किया जा रहा है।
निवेश के साथ रोजगार का भी रास्ताः आईएमसी खुरपिया को सरकार केवल एक औद्योगिक परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाले बड़े केंद्र के रूप में देख रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के धरातल पर आने से प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर तैयार करने पर भी जोर रहेगा। औद्योगिक इकाइयों के आने के साथ क्षेत्र में परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सेवाओं और अन्य सहायक गतिविधियों का विस्तार होने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को व्यापक लाभ मिल सकता है।
समन्वय और निगरानी पर सीएम का जोरः मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजना के प्रत्येक चरण की लगातार निगरानी करने और विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उनका स्पष्ट संदेश रहा कि परियोजना में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किए बिना गति बनाए रखी जाए। उन्होंने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम द्वारा गठित विशेष प्रयोजन माध्यम से परियोजना को निर्धारित समयसीमा में धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक सहयोग और समन्वय की अपेक्षा भी की।
उत्तराखंड के औद्योगिक भविष्य की बड़ी उम्मीद
आईएमसी खुरपिया के विकास से उम्मीद सिर्फ नई औद्योगिक इकाइयों तक सीमित नहीं है। बेहतर सड़क और विद्युत ढांचे के साथ यह क्षेत्र निवेश के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी और आकर्षक बन सकता है। उद्योगों के साथ रोजगार, कौशल विकास, परिवहन, सेवाओं और स्थानीय कारोबार की नई संभावनाएं भी विकसित होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से आईएमसी खुरपिया को आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और निवेश के अनुकूल औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप उत्तराखंड में आधुनिक औद्योगिक आधारभूत संरचना विकसित करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दिसंबर 2028 की समयसीमा अब केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि खुरपिया के औद्योगिक भविष्य की अगली बड़ी कसौटी है। यदि तय रफ्तार बनी रही तो आने वाले वर्षों में खुरपिया उत्तराखंड के औद्योगिक विकास की नई पहचान बन सकता है।

