महापौर के जन्म दिन पर उमड़े जनसैलाब ने दिये नये सियासी संकेत
अजय चड्डा, रूद्रपुर
राजनीति में जन्मदिन केवल केक काटने का अवसर नहीं होता, बल्कि यह जनसमर्थन और भविष्य की संभावनाओं को तौलने का पैमाना भी होता है। बुधवार को रुद्रपुर के प्रथम नागरिक महापौर विकास शर्मा के जन्मदिन पर जो नजारा देखने को मिला, उसने राजनीतिक गलियारों में एक नई चर्चा छेड़ दी है। ढोल-नगाड़ों की गूंज, धार्मिक संगठनों का आशीर्वाद और हर समाज की भागीदारी ने यह साफ कर दिया है कि विकास शर्मा का राजनीतिक कद अब नगर निगम की सीमाओं से बाहर निकलकर प्रदेश की राजनीति में अपनी धमक दिखाने लगा है। नगर निगम परिसर में उमड़ा जनसैलाब महज एक औपचारिक बधाई कार्यक्रम नहीं था। ब्राह्मण महासभा द्वारा भेंट की गई गदा, पंजाबी, बंगाली, जाट, सिख और कुमाऊंनी समाज के प्रतिनिधियों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि विकास शर्मा ने सर्वसमाज के नेता के रूप में अपनी छवि मजबूत कर ली है। मोबाइल एसोसिएशन से लेकर व्यापारिक संगठनों तक का उन्हें समर्थन देना यह दर्शाता है कि शहर के मध्यम वर्ग और व्यापारियों के बीच उनकी पकड़ गहरी है। जन्मदिन की शुरुआत में ‘शिव कॉरिडोर’ का भूमिपूजन केवल एक प्रोजेक्ट की शुरुआत नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। रुद्रपुर की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने का यह संकल्प विकास शर्मा को एक विजनरी लीडर के रूप में स्थापित करता है। जानकारों का मानना है कि विकास और संस्कृति का यह तालमेल उन्हें आने वाले समय में एक ‘मास लीडर’ के रूप में और मजबूती देगा। जन्मदिन पर उमड़े इस हुजूम को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। जिस तरह से भाजपा के विभिन्न मोर्चों के कार्यकर्ताओं और शहर के गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, उससे यह कयास तेज हो गए हैं कि क्या विकास शर्मा 2027 में विधानसभा की दावेदारी पेश करेंगे? जनता के बीच उनकी सादगी और कार्यकर्ताओं के साथ सीधे जुड़ाव ने ‘अगला लक्ष्य विधानसभा’की चर्चाओं को बल दिया है। हालांकि, महापौर ने इसे केवल जनसेवा का माध्यम बताया है, लेकिन समर्थकों का उत्साह कुछ और ही बयां कर रहा है। महापौर ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और आशीर्वाद का विशेष जिक्र किया। यह राज्य नेतृत्व के साथ उनकी निकटता को भी दर्शाता है। रुद्रपुर को प्रदेश का सबसे स्वच्छ और सुरक्षित ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने का उनका संकल्प सीधे तौर पर जनता की नब्ज पर हाथ रखने जैसा है। रुद्रपुर की राजनीति में विकास शर्मा ने अपने कार्यकाल के दौरान जो सक्रियता दिखाई है, उसका परिणाम इस ऐतिहासिक जन्मदिन समारोह में देखने को मिला। यदि यह जनसमर्थन इसी तरह बरकरार रहा, तो 2027 की राह उनके लिए काफी सुगम नजर आ रही है। फिलहाल, विकास शर्मा ने अपनी इस ‘शक्ति’ को शहर के विकास की ऊर्जा में बदलने का वादा किया है, जिससे रुद्रपुर की जनता में एक नई उम्मीद जगी है।

