विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद रुद्रपुर का मतदाता गणित बदला
विधायक शिव अरोरा ने निर्वाचन आयोग, बीएलओ और भाजपा कार्यकर्ताओं का जताया आभार- बोले- वास्तविक आंकड़ों ने विपक्ष के दावों को आईना दिखाया
रुद्रपुर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र प्रदेश में सबसे अधिक मतदाताओं वाली विधानसभा बन गई है। अंतिम मतदाता सूची में रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख 73 हजार 171 मतदाता दर्ज हैं। वर्ष 2022 में यहां कुल 1 लाख 92 हजार 723 मतदाता थे। इस तरह मौजूदा सूची में 19 हजार 552 मतदाता कम हुए हैं। इसके बावजूद रुद्रपुर प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों में मतदाताओं की संख्या के लिहाज से पहले स्थान पर पहुंच गई है। विधायक शिव अरोरा ने अपने कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर निर्वाचन आयोग, जिला निर्वाचन तंत्र, बूथ स्तर अधिकारियों तथा भाजपा के बूथ स्तर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के कारण मतदाता सूची को अधिक वास्तविक और अद्यतन बनाने में मदद मिली है। शिव अरोरा के अनुसार अंतिम सूची में रुद्रपुर के बाद कालाढूंगी में 1 लाख 65 हजार 430, सहसपुर में 1 लाख 60 हजार 507, धर्मपुर में 1 लाख 50 हजार 400 और डोईवाला में 1 लाख 46 हजार 980 मतदाता हैं। इस लिहाज से रुद्रपुर में दूसरे स्थान पर मौजूद कालाढूंगी से 7,741 अधिक मतदाता हैं। उन्होंने बताया कि 2022 में रुद्रपुर में 1,01,967 पुरुष, 90,750 महिलाएं और छह तृतीय लिंग मतदाता थे। अंतिम सूची में 90,479 पुरुष, 82,689 महिलाएं और तीन तृतीय लिंग मतदाता दर्ज हैं। विधायक ने बताया कि दावे और आपत्तियों के परीक्षण के बाद रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में 2,309 नाम हटाए गए, जबकि 2,675 नए मतदाता जोड़े गए। उन्होंने कहा कि स्थानांतरित, मृत अथवा एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों की जांच कर उन्हें हटाना मतदाता सूची को शुद्ध करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर में बड़ी संख्या में लोग औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार सहित अन्य कारणों से आए थे। समय के साथ कुछ लोग दूसरे स्थानों पर चले गए। ऐसे मतदाताओं के नामों का सत्यापन और नियमानुसार हटाया जाना जरूरी था। एसआईआर को लेकर कांग्रेस और विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर शिव अरोरा ने कहा कि वास्तविक आंकड़ों ने उनके दावों को आईना दिखाया है। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों को उम्मीद थी कि पुनरीक्षण के बाद रुद्रपुर में करीब 50 हजार मतदाता कम हो जाएंगे, लेकिन अंतिम सूची में ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कांग्रेस पर मतदाता सूची को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मृतक, स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टियों की पहचान कर नाम हटाना निर्वाचन सूची को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए जरूरी है। मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर विपक्ष के आरोपों पर भी अरोरा ने निर्वाचन आयोग का बचाव किया। उन्होंने कहा कि आयोग एक संवैधानिक संस्था है और चुनाव निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होते हैं। शिव अरोरा ने कहा कि रुद्रपुर भारतीय जनता पार्टी का मजबूत क्षेत्र है और विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद प्रदेश में सबसे अधिक मतदाताओं वाली विधानसभा के रूप में सामने आना क्षेत्र की स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा की नीतियों के प्रति जनता के विश्वास का भी उल्लेख किया। अरोरा ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में निर्वाचन तंत्र के साथ बूथ स्तर पर कार्य करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने सभी संबंधित कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का आभार जताया। प्रेसवार्ता में दर्जा मंत्री सुरेश कोली, पूर्व पालिका अध्यक्ष मीना शर्मा, मंडल अध्यक्ष जगदीश विश्वास, धीरेश गुप्ता, गजेंद्र प्रजापति, मयंक कक्कड़, मनोज मदान, सुनील यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
रुद्रपुर का नया मतदाता गणित
2022 मेंः 1,92,723 मतदाता
अंतिम सूची मेंः 1,73,171 मतदाता
कमीः 19,552 मतदाता
प्रदेश में स्थानः पहला
दूसरे स्थान पर कालाढूंगीः 1,65,430
दोनों के बीच अंतरः 7,741 मतदाता

