पौड़ी/लैंसडाउन।
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में 19 सितंबर का दिन सुरक्षा और सैन्य दृष्टि से खास रहने वाला है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के लैंसडाउन पहुंचने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। दोनों शीर्ष अधिकारी यहां गढ़वाल राइफल्स से जुड़े एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।
प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक अजीत डोभाल और सीडीएस जनरल सुब्रमणि 19 सितंबर को लैंसडाउन पहुंचेंगे। इस दौरान गढ़वाल राइफल्स के कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी रहेगी। कार्यक्रम में अग्निवीरों से संवाद भी प्रस्तावित है, जिसके चलते सेना में शामिल होकर देशसेवा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लैंसडाउन भारतीय सेना की ऐतिहासिक छावनियों में शामिल है और यह गढ़वाल राइफल्स का प्रमुख केंद्र भी रहा है। ऐसे में देश की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े दो शीर्ष अधिकारियों का एक साथ यहां पहुंचना सैन्य और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार दोनों अधिकारियों के 19 सितंबर को लैंसडाउन में रात्रि विश्राम का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। इसके बाद 20 सितंबर को उनके दिल्ली रवाना होने की योजना है। हालांकि, अधिकारियों का दौरा फिलहाल प्रस्तावित है और अंतिम समय में कार्यक्रम में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
उत्तराखंड से है अजीत डोभाल का खास रिश्ता
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का जन्म 20 जनवरी 1945 को पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड में हुआ था। उनके पिता मेजर जीएन डोभाल भारतीय सेना में अधिकारी थे। उनकी शुरुआती शिक्षा अजमेर के सैन्य स्कूल में हुई, जिसके बाद उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की।
अजीत डोभाल ने अपने लंबे करियर में खुफिया और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण अभियानों में भूमिका निभाई। पाकिस्तान में उनका लंबे समय तक अंडरकवर मिशन विशेष रूप से चर्चित रहा। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ अभियानों और कई संवेदनशील राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में भी उनकी भूमिका रही है।
ऑपरेशन ब्लू स्टार, कंधार विमान अपहरण प्रकरण और आतंकवाद विरोधी अभियानों से जुड़े उनके योगदान की चर्चा होती रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद 30 मई 2014 को अजीत डोभाल को भारत का राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया था।
राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जा चुका है। वह इस सैन्य सम्मान को प्राप्त करने वाले पहले पुलिस अधिकारी बताए जाते हैं।
लैंसडाउन दौरे पर रहेगी खास नजर
अजीत डोभाल और सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के प्रस्तावित लैंसडाउन दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं। गढ़वाल राइफल्स के कार्यक्रम में दोनों अधिकारियों की मौजूदगी और अग्निवीरों से प्रस्तावित संवाद इस दौरे को और महत्वपूर्ण बना रहा है।
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