नई दिल्ली/जम्मू। आस्था के सबसे बड़े प्रतीकों में शामिल श्री अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए इस बार सुरक्षा का ऐसा मजबूत घेरा तैयार किया जा रहा है, जिसमें हर कदम पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता होगी। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकलने वाले लाखों भक्तों की यात्रा निर्विघ्न संपन्न हो, इसके लिए केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियां व्यापक स्तर पर तैयारियों में जुट गई हैं। यात्रा शुरू होने में करीब एक महीने का समय शेष है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में अभी से सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जाने लगा है। केंद्र सरकार ने इस बार यात्रा मार्गों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 670 कंपनियां तैनात करने का फैसला लिया है। केंद्रीय बलों की टुकड़ियां जम्मू-कश्मीर पहुंचनी शुरू हो गई हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर से लेकर पवित्र अमरनाथ गुफा तक की जाएगी। यात्रा के पूरे मार्ग को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा, ताकि किसी भी चुनौती से समय रहते निपटा जा सके। करीब 57 दिनों तक चलने वाली यात्रा के दौरान पठानकोट-जम्मू हाईवे, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, यात्राी निवास भवनों और प्रमुख पड़ावों पर सुरक्षा बलों की विशेष निगरानी रहेगी। दक्षिण कश्मीर के पहलगाम और मध्य कश्मीर के बालटाल मार्ग पर भी केंद्रीय बलों की तैनाती होगी। वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रें और पवित्र गुफा के आसपास सेना के जवान सुरक्षा संभालेंगे। जम्मू-कश्मीर पुलिस स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पिछले समय में सामने आई आतंकी चुनौतियों को देखते हुए इस बार सुरक्षा एजेंसियां किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतना चाहतीं। यही वजह है कि सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत और आधुनिक बनाया जा रहा है। इस बार अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में आधुनिक तकनीक की बड़ी भूमिका रहेगी। यात्रा मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों के साथ निगरानी व्यवस्था मजबूत की जा रही है। ड्रोन सर्विलांस के माध्यम से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही महत्वपूर्ण स्थानों, लंगर स्थलों और यात्राी ठहराव केंद्रों पर डॉग स्क्वॉड और एंटी-सैबोटाज जांच की व्यवस्था भी रहेगी। घोड़ा संचालकों, पिट्टòुओं और अन्य सेवा प्रदाताओं को विशेष पहचान पत्र जारी किए जा रहे हैं। उनकी पृष्ठभूमि जांच और सत्यापन प्रक्रिया भी पूरी सतर्कता के साथ की जा रही है। सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्राी निवास भवन में पंजीकरण केंद्र, आरएफआईडी सुविधा, स्वास्थ्य सेवाएं, सफाई व्यवस्था और परिवहन इंतजामों को मजबूत किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार समीक्षा बैठकें कर तैयारियों की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और यात्रा व्यवस्था पूरी तरह सुचारू रहे। इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी और 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा एवं रक्षाबंधन के अवसर पर संपन्न होगी। श्रद्धालुओं का पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर यात्राी निवास से रवाना होगा। यात्रा पारंपरिक पहलगाम मार्ग और बालटाल मार्ग दोनों से संचालित होगी। अब तक लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पंजीकरण करा चुके हैं और आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। कुल मिलाकर इस बार अमरनाथ यात्रा सिर्फ आस्था का सफर नहीं, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी जिम्मेदारी भी होगी। लाखों भक्तों की श्रद्धा और विश्वास को सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाने के लिए जमीन से आसमान तक सुरक्षा का मजबूत कवच तैयार किया जा रहा है।
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