पहली बार श्रीनगर में दिखेगा लाइट एंड साउंड शो का अनूठा रंग
उत्तराखण्ड सत्य,जम्मू
देश की सबसे दुर्गम और आस्था के शीर्ष प्रतीक श्री अमरनाथ जी की वार्षिक यात्रा 2026 को लेकर देश भर के श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। आगामी 3 जुलाई से शुरू होने जा रही 57 दिवसीय इस पावन यात्रा के लिए मई के महीने में ही पंजीकरण का आंकड़ा साढ़े तीन लाख को पार कर चुका है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि इस बार बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ने वाली है। देशभर में पंजाब नेशनल बैंक, जम्मू एंड कश्मीर बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक की करीब 550 नामित शाखाओं में चल रही इस पंजीकरण प्रक्रिया ने सुरक्षा और नागरिक प्रशासन की तैयारियों को भी रफ्तार दे दी है। यह पवित्र यात्रा गांदरबल जिले के बालटाल- सोनमर्ग और अनंतनाग जिले के नुनवान-पहलगाम, दोनों ही पारंपरिक मार्गों से एक साथ शुरू होगी, जिसका विधिवत समापन 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के पावन अवसर पर होगा। इस वर्ष की यात्रा को और अधिक दिव्य और अलौकिक बनाने के लिए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने पहली बार एक अनूठी और आधुनिक पहल की है। श्रीनगर के पंथा चौक स्थित मुख्य यात्राी निवास में पहली बार एक भव्य श्लाइट एंड साउंड शोश् की शुरुआत की जा रही है, जो पूरी यात्रा अवधि के दौरान रोजाना संचालित होगा। इस शो के माध्यम से न केवल पवित्र गुफा की महिमा, दिव्य भजन और कीर्तन का प्रसारण किया जाएगा, बल्कि श्रद्धालुओं को यात्रा मार्ग की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और वहां की प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। इसके समानांतर, यात्रा को सुगम बनाने के लिए जमीनी स्तर पर सिविल इंजीनियरिंग और ट्रैक बहाली का काम युद्धस्तर पर जारी है, जिसमें बालटाल मार्ग पर 9 किलोमीटर और नुनवान-पहलगाम मार्ग पर 8 किलोमीटर तक जमी भारी बर्फ को साफ कर लिया गया है। पहाड़ों पर इस समय सामान्य क्षेत्रें में 8 फीट और एवलांच (हिमस्खलन) वाले संवेदनशील क्षेत्रें में 10 से 12 फीट तक बर्फ जमी हुई है, जिसे काटकर 12 फीट चौड़ा सुरक्षित रास्ता बनाने का काम लोक निर्माण विभाग और सीमा सड़क संगठन के जवान दिन-रात कर रहे हैं। अधिकारियों को पूरा भरोसा है कि 15 जून की तय समय-सीमा तक दोनों ट्रैक पूरी तरह से बहाल कर दिए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुख-सुविधा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए इस साल सरकार ने खजाना खोल दिया है। नुनवान, बालटाल और बिजबेहरा में लगभग 170 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बने नए अत्याधुनिक और बहुमंजिला यात्राी निवास इस बार से जनता के लिए खोल दिए जाएंगे, जिससे हजारों यात्रियों को ठहरने की विश्वस्तरीय सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही, अतीत में आई प्राकृतिक आपदाओं और बादल फटने की घटनाओं से कड़ा सबक लेते हुए इस बार श्राइन बोर्ड ने सुरक्षा मानकों में बड़ा बदलाव किया है। इस साल किसी भी कमजोर, ढलान वाले या बाढ़ संभावित संवेदनशील क्षेत्र में टेंट या लंगर कैंप लगाने की सख्त मनाही की गई है। सुरक्षा के लिहाज से सबसे बड़ा फैसला यह लिया गया है कि दर्शन करने के बाद किसी भी श्रद्धालु को पवित्र गुफा के आसपास रुकने की इजाजत नहीं होगी, जिससे वहां अप्रत्याशित भीड़ और किसी भी तरह के मानवीय दबाव को रोका जा सके। अमरनाथ यात्रा की संवेदनशीलता को देखते हुए इस बार घाटी में सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड पर हैं। खुफिया इनपुट और भौगोलिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा का एक ऐसा अभेद्य श्थ्री-टियरश् सुरक्षा चक्र तैयार किया गया है, जिसमें सेना, केंद्रीय अर्धसैनिक बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान शामिल हैं। इस बार यात्रा मार्गों, संकरे रास्तों और बेस कैंपों की चौबीसों घंटे निगरानी के लिए हाई-रिजॉल्यूशन वाले ड्रोनों और आधुनिक सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। लोक निर्माण, स्वास्थ्य और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने भी अपनी अग्रिम चौकियां स्थापित कर दी हैं। लंगर समितियों को अंतिम मंजूरी देने और सफाई व्यवस्था के लिए ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर टेंडर जारी किए जा चुके हैं ताकि देश के कोने-कोने से आने वाले शिवभक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और यह राष्ट्रीय महत्व की यात्रा सुरक्षित और निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।
रुद्रपुर से 4 जुलाई को रवाना होगा शिवभक्तों का जत्था
रूद्रपुर। राष्ट्रीय स्तर पर अमरनाथ यात्रा की तैयारियों के बीच स्थानीय स्तर पर भी शिवभक्तों का उत्साह चरम पर है। रुद्रपुर क्षेत्र से पिछले कई वर्षों की तरह इस बार भी श्री अमरनाथ जी सेवा मण्डल के बैनर तले बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए 4 जुलाई को सौ श्रद्धालुओं का एक जत्था रवाना होगा। श्री अमरनाथ जी सेवा मण्डल के अध्यक्ष अजय चड्डा ने स्थानीय तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि 4 जुलाई को रुद्रपुर से प्रस्थान करने के बाद सभी यात्राी 5 जुलाई को दिल्ली से हवाई मार्ग के माध्यम से सीधे श्रीनगर पहुंचेंगे। इसके बाद 6 जुलाई को बालटाल बेस कैंप आगमन होगा, जहां से 7 जुलाई को यह जत्था पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन और पूजा-अर्चना करेगा। यात्रा के अग्रिम पड़ाव में आठ और नौ जुलाई को सभी श्रद्धालु श्रीनगर क्षेत्र के विभिन्न दार्शनिक स्थलों का भ्रमण करेंगे, जिसके उपरांत 10 जुलाई को कटरा पहुंचकर माता वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाएंगे। 12 जुलाई की रात को सभी यात्राी गरीब रथ एक्सप्रेस के माध्यम से वापस रुद्रपुर के लिए प्रस्थान करेंगे और 13 जुलाई की दोपहर तक शहर में वापसी होगी। इस धार्मिक यात्रा का नेतृत्व संस्था के संस्थापक सुनील ठुकराल, सरपरस्त राजीव मिड्डा, महामंत्री मनीष चुघ, कोषाध्यक्ष अंकित नरुला, उपाध्यक्ष राजन राठौर और डॉ- सुरेश छाबड़ा सहित कई वरिष्ठ सदस्य करेंगे। यात्रा को लेकर शिवभक्तों में भारी उत्साह है और तैयारियां अंतिम दौर में हैं।

