महापौर विकास शर्मा की पहल पर दशकों से अवरुद्ध मार्ग को मिलेगी संजीवनी- जाम मुक्त रुद्रपुर की ओर एक ऐतिहासिक कदम
उत्तराखण्ड सत्य,रुद्रपुर
किसी भी शहर का ढांचा उसकी प्रगति की कहानी कहता है, लेकिन रुद्रपुर जैसे तेजी से बढ़ते औद्योगिक केंद्र के लिए विकास का अर्थ केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि अवरुद्ध पड़ी व्यवस्थाओं को गति देना भी है। रुद्रपुर की जनता लंबे समय से जिस यातायात की समस्या से जूझ रही थी, उसे जड़ से मिटाने के लिए महापौर विकास शर्मा ने एक ऐसा मास्टर स्ट्रोक खेला है, जो आने वाले दशकों तक शहर की लाइफलाइन माना जाएगा। ‘मिनी बाईपास’ मार्ग का पुनरुद्धार केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है, बल्कि यह महापौर की उस सूक्ष्म विकासपरक सोच का परिणाम है, जो जनता की नब्ज और शहर की भूगोल को बखूबी पहचानती है। यह सर्वविदित है कि नैनीताल हाईवे स्थित पीएसी कैंपस और उद्यान विभाग से होकर इंदिरा आदर्श कॉलोनी (घास मंडी) की ओर जाने वाला यह मार्ग कभी आवागमन का प्रमुख केंद्र था। परंतु, प्रदेश के काले अध्याय यानी आतंकवाद के दौर में सुरक्षा संबंधी जटिलताओं के कारण इसे बंद कर दिया गया था। समय बीतता गया, सरकारें बदलीं, लेकिन किसी ने इस बंद पड़े मार्ग की सुध नहीं ली। परिणाम यह हुआ कि यह मार्ग केवल राजस्व विभाग की पुरानी फाइलों और खसरा नंबर 77 के अभिलेखों तक सीमित रह गया। महापौर विकास शर्मा ने इस मृत प्राय योजना की फाइलें फिर से खुलवाईं और प्रशासनिक सन्नाटे को तोड़ा। तहसीलदार दिनेश कुटौला और नगर निगम की तकनीकी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर किया गया स्थलीय निरीक्षण यह स्पष्ट करता है कि अब जनहित की योजनाओं को ठंडे बस्ते में नहीं रहने दिया जाएगा। महापौर का यह विजन केवल एक कॉलोनी को हाईवे से जोड़ना भर नहीं है। यदि इस योजना के व्यापक स्वरूप को देखें, तो यह एक समानांतर परिवहन तंत्र खड़ा करने जैसा है। वर्तमान में रुद्रपुर का पूरा भार डीडी चौक पर केंद्रित है, जहाँ सुबह से रात तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। महापौर द्वारा प्रस्तावित यह मिनी बाईपास आदर्श कॉलोनी से होकर सीधे जगतपुरा रोड से जुड़ेगा और वहां से सिडकुल, फुलसुंगा तथा दक्ष चौक होते हुए सीधे किच्छा मार्ग (बिगवाड़ा) पर जाकर मिलेगा। इस प्रकार, नैनीताल हाईवे और किच्छा हाईवे के बीच एक ऐसा बैकडोर कॉरिडोर तैयार हो जाएगा, जिससे भारी और मध्यम वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। इससे डीडी चौक पर यातायात का दबाव 40 से 50 प्रतिशत तक कम होने का अनुमान है। विकास की राह में सबसे बड़ा रोड़ा अतिक्रमण होता है। महापौर विकास शर्मा ने इस सर्वे के माध्यम से एक अत्यंत स्पष्ट और कठोर संदेश प्रशासनिक अमले के साथ-साथ आम जनता को भी दे दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि नगर निगम का लक्ष्य केवल मुख्य सड़कों को चौड़ा करना नहीं, बल्कि उन गलियों और बस्तियों के रास्तों को भी अतिक्रमण मुक्त करना है जिन्हें निजी स्वार्थों के चलते संकरा कर दिया गया है। महापौर की यह ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस या दमकल की गाड़ियों को शहर के किसी भी कोने में पहुंचने में बाधा न आए।
सीएम धामी के ‘विकल्प रहित संकल्प’ का सारथी बन रहा रुद्रपुर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विजन ‘नया उत्तराखंड-श्रेष्ठ उत्तराखंड’ बनाने का है, और रुद्रपुर में महापौर विकास शर्मा इस विजन को धरातल पर उतारने वाले सबसे सशक्त सारथी बनकर उभरे हैं। इस मिनी बाईपास मार्ग की सौगात इसी संकल्प की सिद्धि है। मुख्यमंत्री के निरंतर मार्गदर्शन में महापौर ने न केवल बंद पड़े रास्तों को खुलवाया, बल्कि पीएसी कैंपस के सामने एक नए ‘अटरिया चौक’ की परिकल्पना कर शहर को एक नया लैंडमार्क देने का कार्य भी किया है। यह योजना दर्शाती है कि जब सत्ता में बैठे व्यक्ति के पास 25-30 वर्षों के भविष्य को देखने की दृष्टि हो, तभी ऐसे ऐतिहासिक कार्य संभव होते हैं। महापौर विकास शर्मा ने यह प्रमाणित कर दिया है कि वे केवल वर्तमान की समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुव्यवस्थित, सुंदर और जाम-मुक्त रुद्रपुर की नींव रख रहे हैं। प्रशासनिक समन्वय, राजस्व की बारीकियां और जनहित का ऐसा अद्भुत सामंजस्य वास्तव में महापौर की विकासपरक सोच की एक बड़ी उपलब्धि है।

