विधायक शिव अरोरा की कोशिशें लाईं रंग, बीस करोड़ से संवरेगा युवाओं का भविष्य
उत्तराखण्ड सत्य,रूद्रपुर
रुद्रपुर के खेल प्रेमियों और युवाओं का वर्षों पुराना सपना अब हकीकत की जमीन पर उतरने को तैयार है। नए साल 2026 की शुरुआत रुद्रपुरवासियों के लिए एक ऐसी सौगात लेकर आई है, जो न केवल शहर की सूरत बदलेगी बल्कि यहां की खेल प्रतिभाओं को नया आसमान भी देगी। विधायक शिव अरोरा के दृढ़ संकल्प और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विकासपरक सोच के मेल ने ‘मोदी मैदान’ को एक अत्याधुनिक खेल स्टेडियम में तब्दील करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। जिला विकास प्राधिकरण के साथ हुई हालिया बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि इसी जनवरी माह में स्टेडियम निर्माण के पहले चरण का टेंडर जारी कर दिया जाएगा। इस परियोजना की नींव साल 2022 के उन चुनावी वादों में छिपी है, जब विधायक शिव अरोरा ने रुद्रपुर के युवाओं से उनके अपने खेल के मैदान का वादा किया था। साल 2023 में इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया, जिसे धामी सरकार ने प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल किया। मई 2024 में जिलाधिकारी द्वारा 20 एकड़ भूमि जिला विकास प्राधिकरण को हस्तांतरित किए जाने के बाद से ही विधायक शिव अरोरा लगातार इसकी पैरवी देहरादून से लेकर स्थानीय प्रशासन तक कर रहे थे। अब वह समय आ गया है जब कागजी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और धरातल पर निर्माण कार्य शुरू होने की स्थिति में है। स्टेडियम का निर्माण दो चरणों में एक सुनियोजित रणनीति के तहत किया जाएगा। पहले चरण में करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से मैदान का कायाकल्प होगा। इसमें भव्य बाउंड्रीवाल, आकर्षक प्रवेश द्वार, साइकिल ट्रैक, एक ओपन एमपीथियेटर और छोटे बच्चों के लिए विशेष खेल ब्लॉक विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही, शहर की पार्किंग समस्या को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम की परिधि में 500 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग की सुविधा भी दी जाएगी। दूसरे चरण में इसे एक पेशेवर खेल परिसर का रूप दिया जाएगा,जिसमें क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल जैसे खेलों के लिए अलग-अलग जोन और आधुनिक दर्शक दीर्घा (स्टैंड्स) का निर्माण होगा।विधायक शिव अरोरा ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह महज एक घोषणा नहीं, बल्कि जनता के सामने लिए गए संकल्प की सिद्धि है। उन्होंने पिछली सरकारों और जनप्रतिनिधियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पूर्व में घोषणाएं तो बहुत हुईं लेकिन धरातल पर परिणाम शून्य रहे, जबकि वर्तमान सरकार कार्यों को धरातल पर उतारने में विश्वास रखती है। उन्होंने इस सौगात के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताते हुए इसे रुद्रपुर के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक बड़ा कदम बताया। वहीं, जिला विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जयकिशन ने तकनीकी पुष्टि करते हुए बताया कि पहले चरण की डिजाइन और डीपीआर तैयार है और जनवरी में टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस स्टेडियम में खेल गतिविधियों के लिए युवाओं से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और इसका रखरखाव स्वयं प्राधिकरण करेगा। बैठक में पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता नरेंद्र नवानी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे, जो इस ड्रीम प्रोजेक्ट को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रहे थे। अब वह दिन दूर नहीं जब रुद्रपुर का मोदी मैदान राज्य के बेहतरीन खेल केंद्रों में शुमार होगा और यहां के युवा अपनी खेल कुशलता को राष्ट्रीय स्तर तक ले जा सकेंगे।

