दोनों ओर 60-60 फिट चौड़ाई के प्रस्ताव पर बनी सहमति
उत्तराखण्ड सत्य,रुद्रपुर
काशीपुर बाईपास को जाम की समस्या से मुक्त कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। विधायक शिव अरोड़ा ने बताया कि लंबे समय से लंबित पड़े बाईपास चौड़ीकरण कार्य को व्यवहारिक स्वरूप देने के लिए उन्होंने जिला विकास प्राधिकरण के समक्ष नया प्रस्ताव रखा था, जिसे अब स्वीकार कर लिया गया है। अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विधायक अरोड़ा ने कहा कि वर्तमान मास्टर प्लान में इस मार्ग की चौड़ाई 75-75 फीट प्रस्तावित थी, जो व्यापारिक दृष्टि से अव्यावहारिक साबित हो रही थी। व्यापारियों के न्यूनतम नुकसान को ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जयकिशन को पत्र भेजकर चौड़ाई को 60-60 फीट किया जाने का प्रस्ताव दिया। विकास प्राधिकरण ने इस सुझाव को सहमति प्रदान करते हुए आगामी बोर्ड बैठक के एजेंडा में शामिल कर लिया है। जैसे ही प्रस्ताव पारित होगा, काशीपुर बाईपास चौड़ीकरण का कार्य प्रारम्भ कर दिया जाएगा। विधायक अरोड़ा ने प्रेस वार्ता के दौरान एक अन्य गंभीर समस्या पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में नगर निगम में शामिल हुए कई गांवों के पास भूमि स्वामित्व संबंधी दस्तावेज नहीं हैं। ऐसे में प्राधिकरण के नियमों के तहत वे मानचित्र पास न होने के कारण कोई भी निर्माण कार्य नहीं करा पा रहे। इस व्यवहारिक समस्या को देखते हुए उन्होंने कुमाऊँ आयुक्त एवं जिला विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष को प्रस्ताव भेजकर इन क्षेत्रें के निवासियों को मानचित्र पास कराने की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग की है। प्राधिकरण ने इस प्रस्ताव को भी अपनी आगामी बोर्ड बैठक के मिनट्स में शामिल कर लिया है। अरोड़ा ने विश्वास जताया कि इन दोनों मुद्दों के समाधान से जनता को बड़ी राहत मिलेगी। एक ओर काशीपुर बाईपास चौड़ीकरण से घंटों तक लगने वाले जाम से निजात मिलेगी, वहीं दूसरी ओर भूरारानी, बिगवाड़ा सहित अन्य क्षेत्रें के हजारों परिवार मानचित्र की बाध्यता समाप्त होने के बाद अपने निर्माण कार्य सुचारू रूप से करा सकेंगे।

