नैनीताल/हल्द्वानी। उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित करने की योजना को फिलहाल झटका लगा है। केंद्र सरकार ने हल्द्वानी के बेलबाबा और गौलापार में हाईकोर्ट परिसर स्थापित करने के लिए प्रस्तावित दोनों भूमि विकल्पों को मंजूरी नहीं दी है। इसके बाद हाईकोर्ट शिफ्टिंग की प्रक्रिया पर फिलहाल विराम लगता नजर आ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित करने के लिए वन भूमि के बजाय किसी अन्य उपयुक्त भूमि की तलाश की जाए। ऐसे में अब राज्य सरकार को नए सिरे से जमीन के विकल्प तलाशने होंगे।
बेलबाबा और गौलापार में जमीन के प्रस्ताव नामंजूर
हाईकोर्ट को हल्द्वानी स्थानांतरित करने का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। इस संबंध में बेलबाबा और गौलापार क्षेत्र में जमीन के विकल्पों पर विचार किया जा रहा था। हालांकि, दोनों प्रस्तावों को मंजूरी नहीं मिलने से इस योजना को आगे बढ़ाने में बाधा आ गई है।
केंद्र के रुख के बाद अब राज्य सरकार के सामने हाईकोर्ट परिसर के लिए ऐसी उपयुक्त भूमि तलाशने की चुनौती है, जिस पर वन भूमि से जुड़ी अड़चनें न हों और प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जा सके।
अब आगे क्या होगा?
हाईकोर्ट शिफ्टिंग को लेकर अब राज्य सरकार के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं। सरकार नए स्थान के चयन के लिए क्या प्रक्रिया अपनाती है और नया प्रस्ताव कब तैयार किया जाता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
फिलहाल, बेलबाबा और गौलापार के दोनों प्रस्ताव खारिज होने के बाद हाईकोर्ट को हल्द्वानी स्थानांतरित करने की योजना आगे बढ़ाने के लिए नए भूमि विकल्प तलाशने होंगे।
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