नगर निगम ने छह एकड़ बेशकीमती सरकारी भूमि को कराया कब्जा मुक्त
उत्तराखण्ड सत्य,रुद्रपुर
उत्तराखंड में सरकारी भूमियों को कब्जामुक्त कराने और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘जीरो टॉलरेंस’ के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में रुद्रपुर नगर निगम ने एक ऐतिहासिक नजीर पेश की है। लंबे समय से गंगापुर मार्ग स्थित शैलजा फार्म में जड़ें जमाए बैठे अवैध अतिक्रमण के साम्राज्य को निगम के बुलडोजरों ने चंद घंटों में मिट्टðी में मिला दिया। यह कार्रवाई केवल एक ध्वस्तीकरण मात्र नहीं थी, बल्कि उन भू-माफियाओं और तत्वों के लिए एक स्पष्ट संदेश था जो धार्मिक प्रतीकों और आस्था की आड़ में सरकारी संपत्तियों पर कुंडली मारकर बैठे हैं। तड़के शुरू हुए इस सुनियोजित अभियान ने अतिक्रमण कारियों के हौसलों को पस्त कर दिया। करीब 6 एकड़ की वह बेशकीमती जमीन, जिसकी कीमत बाजार में करोड़ों में आंकी जा रही है, अब पूरी तरह से नगर निगम के नियंत्रण में है। प्रशासन की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पूरी कार्रवाई के दौरान शैलजा फार्म किसी छावनी की तरह नजर आया, जहां चप्पे- चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात था। तकनीक का सटीक समन्वय करते हुए निगम ने आसमान से ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी सुनिश्चित की, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या साजिश को तुरंत विफल किया जा सके। नगर आयुक्त शिप्रा जोशी पाण्डेय और सहायक नगर आयुक्त राजू नबियाल के कुशल नेतृत्व में चली इस कार्रवाई की पटकथा काफी पहले ही लिखी जा चुकी थी। निगम को निरंतर शिकायतें मिल रही थीं कि बाबा बालक राम ने धार्मिक गतिविधियों का बहाना बनाकर न केवल सरकारी भूमि पर झोपड़ियां बना ली थीं, बल्कि निरंतर अतिक्रमण का दायरा भी बढ़ाया जा रहा था। जब प्रशासन ने मौके पर धावा बोला, तो तथाकथित बाबा ने सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया, लेकिन कानून के रक्षकों के आगे उनकी एक न चली और उन्हें तुरंत हिरासत में लेकर कोतवाली भेज दिया गया। कार्रवाई के दौरान मानवीय संवेदनाओं और पारदर्शिता का भी विशेष ध्यान रखा गया। ध्वस्तीकरण से पूर्व झोपड़ियों में रखा सामान सुरक्षित बाहर निकाला गया और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई ताकि भविष्य में कोई झूठे आरोप न लगा सके। अतिक्रमण हटते ही नगर आयुक्त के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने मौके पर टीन शेड लगाकर घेराबंदी की और सरकारी स्वामित्व का बोर्ड गाड़ दिया। यह जमीन अब निगम के उस सुरक्षित डेटाबेस का हिस्सा बन चुकी है, जिसका उपयोग आने वाले समय में जनहित की बड़ी परियोजनाओं के लिए किया जाएगा। यह अभियान यह साफ कर गया है कि विकास की राह में रोड़ा बनने वाले अवैध कब्जे अब शासन की प्राथमिकता पर हैं।
आस्था के नाम पर ‘लैंड जिहाद’ कतई स्वीकार्य नहींः महापौर
रूद्रपुर। अतिक्रमण के खिलाफ इस निर्णायक जंग में नगर निगम के मुिखया महापौर ने मोर्चा संभालते हुए स्पष्ट किया कि सरकारी संपत्तियों पर कब्जा करने वालों के विरुद्ध अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। मौके का मुआयना करने पहुंचे महापौर ने इस पूरी गतिविधि को ‘लैंड जिहाद’ की संज्ञा देते हुए कहा कि जो लोग आस्था या धर्म की आड़ लेकर सार्वजनिक भूमि को अपना निजी साम्राज्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं, उनके विरुद्ध मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर युद्धस्तर पर अभियान जारी रहेगा। महापौर ने तीखे शब्दों में कहा कि तथाकथित कालनेमि बाबाओं ने न केवल प्रशासन को चुनौती दी, बल्कि अदालतों को भी गुमराह कर सरकारी व्यवस्था का मजाक उड़ाने की कोशिश की। उन्होंने विरोधियों को जवाब देते हुए कहा कि नगर निगम की कार्रवाई पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी है। चाहे वह खेड़ा में ईदगाह की आड़ में किया गया अवैध निर्माण हो, किच्छा रोड पर मंदिर के पास का अतिक्रमण हो या फिर आज का यह शैलजा फार्म का मामला, निगम का बुलडोजर बिना किसी भेदभाव के सरकारी जमीन को मुक्त कराने का काम कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए हैं कि मुक्त कराई गई 6 एकड़ भूमि की सुरक्षा के लिए पुख्ता घेराबंदी की जाए ताकि भविष्य में दोबारा कोई भू-माफिया यहाँ सिर न उठा सके।

