Close Menu
    What's Hot

    संगम तट पर गूंजा सेवा का संकल्प, दंडी स्वामियों के पूजन संग पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास ने बांटे कंबल और वस्त्र

    January 27, 2026

    रुद्रपुर की नियति बदल देगा ‘मिनी बाईपास’

    January 24, 2026

    राजनीति के ‘महाबली’ की आँखों में पिता की बेबसी

    January 24, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • संगम तट पर गूंजा सेवा का संकल्प, दंडी स्वामियों के पूजन संग पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास ने बांटे कंबल और वस्त्र
    • रुद्रपुर की नियति बदल देगा ‘मिनी बाईपास’
    • राजनीति के ‘महाबली’ की आँखों में पिता की बेबसी
    • गदरपुर का ‘विधायक आवास’ बना सत्ता संघर्ष का केंद्र
    • सहानुभूति की ‘सियासत’ में आत्मघाती षडयंत्र
    • नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा परिवार को मिलेगी नई ऊर्जाः डॉ. राकेश मिश्र
    • डा. राकेश मिश्र ने मुख्यमंत्री योगी से की भेंट
    • प्रयागराज में 12 जनवरी को लगेगा 47वां स्वास्थ्य शिविर
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Uttarakhand Satya News PaperUttarakhand Satya News Paper
    • होम
    • देश

      नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा परिवार को मिलेगी नई ऊर्जाः डॉ. राकेश मिश्र

      January 21, 2026

      डा. राकेश मिश्र ने मुख्यमंत्री योगी से की भेंट

      January 10, 2026

      प्रयागराज में 12 जनवरी को लगेगा 47वां स्वास्थ्य शिविर

      January 10, 2026

      माघ मेला प्रयागराज : आस्था, सेवा और सनातन परंपरा का विराट संगम

      January 3, 2026

      भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा धर्मांतरणः डॉ उपाध्याय

      December 29, 2025
    • उत्तराखंड

      राजनीति के ‘महाबली’ की आँखों में पिता की बेबसी

      January 24, 2026

      गदरपुर का ‘विधायक आवास’ बना सत्ता संघर्ष का केंद्र

      January 24, 2026

      सहानुभूति की ‘सियासत’ में आत्मघाती षडयंत्र

      January 24, 2026

      2027 से पहले बढ़ती चुनौतियाँ भाजपा के लिए अग्निपरीक्षा

      January 10, 2026

      अंकिता प्रकरण पर धामी का ‘पॉलिटिकल मास्टरस्ट्रोक’

      January 10, 2026
    • मेरा शहर
      • हल्द्वानी
      • देहरादून
      • हरिद्वार
      • ऋषिकेश
      • अल्मोड़ा
      • चंपावत
      • चमोली
      • नैनीताल
      • रामनगर
      • किच्छा
      • टिहरी गढ़वाल
      • पौड़ी गढ़वाल
      • श्रीनगर
      • पिथौरागढ़
      • बागेश्वर
      • रुद्रप्रयाग
    • श्रेणियाँ
      • क्राइम
      • मनोरंजन
      • शिक्षा
      • धर्म-कर्म
      • लेख
    • वीडियो गैलरी
    • ई-पेपर
    • विज्ञापन
    • संपर्क
    Uttarakhand Satya News PaperUttarakhand Satya News Paper
    Home » राजनीति के ‘महाबली’ की आँखों में पिता की बेबसी
    उत्तराखंड

    राजनीति के ‘महाबली’ की आँखों में पिता की बेबसी

    उत्तराखंड सत्यBy उत्तराखंड सत्यJanuary 24, 2026No Comments5 Mins Read
    WhatsApp Telegram Facebook Twitter LinkedIn Email
    Share
    WhatsApp Telegram Facebook Twitter LinkedIn Email

    तराई के कद्दावर कांग्रेस नेता बेहड़ ने पेश की नैतिकता की वह नजीर, जो सियासत में दुर्लभ है

    अजय चड्डा,रूद्रपुर

    तराई की राजनीति में दशकों तक अपनी धाक जमाने वाले, शेर जैसी दहाड़ रखने वाले किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ की आँखों में जब आँसू छलक आए, तो मानो समय ठहर गया। यह आँसू किसी राजनैतिक हार के नहीं थे, न ही ये किसी बाहरी शत्रु के प्रहार का परिणाम थे, ये आँसू थे एक पिता के विश्वास के टूटने के। अपने ही लहू द्वारा रचे गए छल ने एक ऐसे कद्दावर नेता को सार्वजनिक रूप से रुंधे गले से जनता के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगने पर मजबूर कर दिया, जिसने हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनसेवा का संकल्प निभाया। रुद्रपुर के इस पूरे प्रकरण ने समाज के सामने एक यक्ष प्रश्न खड़ा कर दिया है-क्या एक पुत्र की महत्वाकांक्षा या कुंठा किसी पिता की जीवनभर की कमाई ‘प्रतिष्ठा’ से बड़ी हो सकती है? इस समूचे घटनाक्रम को यदि हम संवेदना के चश्मे से देखें, तो शुरुआत में यह किसी के लिए भी बनावटी नहीं था। जब पार्षद सौरभ राज बेहड़ घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचे, तो हर पिता की तरह तिलक राज बेहड़ का खून भी खौला था। उस समय का आक्रोश, वह चेतावनी और अस्पताल में उमड़ा पक्ष-विपक्ष का जमावड़ा, उस पिता के प्रति सहानुभूति थी जिसने तराई की सेवा में अपना जीवन खपा दिया। लेकिन जैसे ही पुलिस ने इस ‘खेल’ के पीछे की कड़वी सच्चाई कि बेटे ने खुद ही सहानुभूति बटोरने के लिए यह षडड्ढंत्र रचा था को बेनकाब किया, तो मंजर पूरी तरह बदल गया। उस क्षण वहाँ एक नेता नहीं, बल्कि एक पिता अपने ही बेटे की करतूत के आगे हार गया था। पर यहीं से शुरू होता है तिलक राज बेहड़ का वह ‘नैतिक महानायकत्व’, जो उन्हें भीड़ से अलग खड़ा करता है। आज के दौर की राजनीति में जहाँ अपने रसूखदार बच्चों के जघन्य अपराधों-चाहे वह हत्या हो, दुष्कर्म हो या भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए राजनेता पूरी सरकारी मशीनरी और ताकत झोंक देते हैं, वहां बेहड़ ने एक ऐसी लकीर खींच दी है जिसे पार करना हर किसी के बस की बात नहीं। उन्होंने न केवल सार्वजनिक रूप से बेटे की गलती को स्वीकारा, बल्कि भरे मन से यह भी कह डाला कि ‘मैं इसे अपना नहीं सकता, इसने मेरी छवि को धूल धूसरित किया है।’ अपने ही बेटे से तमाम संबंध तोड़ने का ऐलान करना और उसे अपनी बर्बादी का जिम्मेदार ठहराना, किसी भी पिता के लिए कलेजे पर पत्थर रखने जैसा है। बेहड़ का यह साहस उन तमाम पिताओं के लिए एक नजीर है जो अपने बच्चों के अपराधों पर पर्दा डालकर उन्हें और बड़ा अपराधी बना देते हैं। तराई की मिट्टðी ने कई राजनैतिक उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन एक कद्दावर नेता का अपनी साख को बचाने के लिए अपने ही पुत्र का मोह त्याग देना, इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा। बेहड़ ने स्पष्ट कर दिया कि जिस जनता ने उन्हें आज इस मुकाम पर पहुँचाया है, उसके प्रति उनकी जवाबदेही उनके पुत्र मोह से कहीं बढ़कर है। सार्वजनिक जीवन में शुचिता का यह उदाहरण उन राजनेताओं के लिए एक आईना है जो ‘पुत्र-मोह’ में धृतराष्ट्र बन जाते हैं। बेहड़ की यह शर्मिंदगी दरअसल उनकी ईमानदारी का सबसे बड़ा प्रमाण बनकर उभरी है। आज भले ही उनका सिर झुका हो, लेकिन उनके इस नैतिक साहस ने उन्हें लोगों की नजरों में और भी ऊंचा उठा दिया है। यह जिगरा, यह ईमानदारी और यह नैतिक बल ही है जो आज की ‘पोषित राजनीति’ में तिलक राज बेहड़ को एक अलग पहचान देता है।

    ‘पुत्र-मोह’ के धृतराष्ट्र काल में एक ‘भीष्म’ प्रतिज्ञा
    रुद्रपुर। शहर में घटी यह घटना समाज के लिए एक गंभीर केस स्टडी है। अक्सर देखा गया है कि जब किसी राजनेता का परिजन किसी अपराध में फंसता है, तो पूरा तंत्र उसे ‘क्लीन चिट’ दिलाने में जुट जाता है। कई उदाहरण ऐसे हैं जहाँ हत्या और छेड़छाड़ जैसे संगीन मामलों में भी सफेदपोश संरक्षक बनकर खड़े रहे। लेकिन तिलक राज बेहड़ ने जिस तरह पक्ष और विपक्ष, दोनों का आभार व्यक्त करते हुए अपने बेटे के कृत्य की निंदा की, वह राजनैतिक शिष्टाचार की पराकाष्ठा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिस व्यक्ति ने तराई की एक आवाज पर हजारों लोगों को एकत्रित करने का माद्दा रखा, आज उसी के बेटे ने उसे लोगों की नजरों में गिरा दिया। दिल पर पत्थर रखकर लिया गया उनका यह कठिन फैसला उन पिताओं के लिए एक चेतावनी भी है और सबक भी, जो अपने बच्चों की हर जायज-नाजायज मांग और हरकत को अपनी सत्ता के जोर पर पालते-पोसते हैं। सार्वजनिक माफी मांगने के लिए जिस साहस की आवश्यकता होती है, उसकी राजनेताओं में भारी कमी है, लेकिन बेहड़ ने अपनी आंखों के पानी से नैतिकता की जो नई इबादत लिखी है, वह आने वाले कई सालों तक तराई की राजनीति में मिसाल के तौर पर याद रखी जाएगी। यह एक पिता की हार
    नहीं, बल्कि एक सत्यनिष्ठ राजनेता की सबसे बड़ी वैचारिक जीत है।

    Related

    Share. WhatsApp Telegram Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Email
    उत्तराखंड सत्य
    • Website

    Related Posts

    गदरपुर का ‘विधायक आवास’ बना सत्ता संघर्ष का केंद्र

    January 24, 2026

    सहानुभूति की ‘सियासत’ में आत्मघाती षडयंत्र

    January 24, 2026

    2027 से पहले बढ़ती चुनौतियाँ भाजपा के लिए अग्निपरीक्षा

    January 10, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    Don't Miss
    उत्तर प्रदेश

    संगम तट पर गूंजा सेवा का संकल्प, दंडी स्वामियों के पूजन संग पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास ने बांटे कंबल और वस्त्र

    By उत्तराखंड सत्यJanuary 27, 20260

    सनातन की तपस्वी परंपरा का वंदन; त्रिवेणी की रेती पर उमड़ा श्रद्धा और सेवा का…

    रुद्रपुर की नियति बदल देगा ‘मिनी बाईपास’

    January 24, 2026

    राजनीति के ‘महाबली’ की आँखों में पिता की बेबसी

    January 24, 2026

    गदरपुर का ‘विधायक आवास’ बना सत्ता संघर्ष का केंद्र

    January 24, 2026
    Stay In Touch
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    Our Picks

    संगम तट पर गूंजा सेवा का संकल्प, दंडी स्वामियों के पूजन संग पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास ने बांटे कंबल और वस्त्र

    January 27, 2026

    रुद्रपुर की नियति बदल देगा ‘मिनी बाईपास’

    January 24, 2026

    राजनीति के ‘महाबली’ की आँखों में पिता की बेबसी

    January 24, 2026

    गदरपुर का ‘विधायक आवास’ बना सत्ता संघर्ष का केंद्र

    January 24, 2026

    Subscribe to Updates

    Get the latest Updated on your email

    About Us

    '‘‘उत्तराखंड सत्य’’ की निष्ठाओं का निर्विवाद सफर ‘‘आपके बीच’’

    'उत्तराखंड सत्य' उत्तराखंड समाचारों का डिजिटल माध्यम है।
    अपने विचार या समाचार प्रसारित करने के लिए हमसे संपर्क करें।

    मोबाइल नं. : 9837637707, 05944-247707
    ईमेल: uttrakhandsatyardr@gmail.com

    पता :शॉप नं.35, सिटी स्कवायर मॉल काशीपुर बाईपास, रोड रुद्रपुर, जिला- उधम सिंह नगर - उत्तराखंड

    Our Picks

    संगम तट पर गूंजा सेवा का संकल्प, दंडी स्वामियों के पूजन संग पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास ने बांटे कंबल और वस्त्र

    January 27, 2026

    रुद्रपुर की नियति बदल देगा ‘मिनी बाईपास’

    January 24, 2026

    राजनीति के ‘महाबली’ की आँखों में पिता की बेबसी

    January 24, 2026
    Categories
    • उत्तराखंड
    • क्राइम
    • देश
    • मनोरंजन
    • मेरा शहर
    • लेख
    • शिक्षा
    Facebook Instagram YouTube WhatsApp
    © 2026 uttarakhandsatya.com, Uttarakhand.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.