मात्र नौ माह में महापौर विकास शर्मा ने बदली शहर की सूरत, दशकों से अटके कार्य अब तेजी से धरातल पर
उत्तराखण्ड सत्य,रुद्रपुर
शहर की राजनीति में अक्सर यह शिकायत सुनाई देती रही है कि विकास के वादे सिर्फ चुनावी भाषणों तक सिमट जाते हैं, लेकिन महापौर विकास शर्मा ने अपने मात्र नौ माह के कार्यकाल में यह धारणाएँ बदल दी हैं। उनकी युवा सोच, दृढ़ इच्छाशक्ति और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके सुदृढ़ संबंधों ने रुद्रपुर के विकास की रफ्तार को कई गुना बढ़ा दिया है। जो काम दशकों से सिर्फ फाइलों में अटके थे, वे आज धरातल आ रहे हैं, और कई बड़े प्रोजेक्ट शहर की नई तस्वीर गढ़ने को तैयार हैं। नौ माह पहले निकाय चुनावों के दौरान विकास शर्मा ने आम जनता से कई वादे किए थे, जिन्हें लोग पिछली कार्यप्रणालियों के आधार पर हवाई समझ रहे थे। लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, शहरवासियों को महसूस होने लगा कि ये वादे सिर्फ घोषणाएँ नहीं थे, बल्कि एक विजन था जिसे साकार करने की मजबूत मंशा महापौर अपने साथ लेकर आए थे। किच्छा रोड पर वर्षों से जमा कचरे के पहाड़ का सफाया हो या वेंडिंग जोन का निर्माण ये काम न सिर्फ चुनौतीपूर्ण थे बल्कि शहर के लिए अत्यंत आवश्यक थे। महापौर के नेतृत्व में दोनों कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुए, जो रुद्रपुर के लिए बड़े बदलाव साबित हुए। स्वच्छता के क्षेत्र में रुद्रपुर नगर निगम ने अभूतपूर्व प्रगति की है। जहां पहले नगर निगम की राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग 417 थी, वहीं अब यह छलांग लगाकर देश में 68वें स्थान पर पहुँच गया है। पूरे उत्तराखंड में रुद्रपुर नगर निगम ने नंबर-1 की जगह बनाई है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए नगर निगम को स्कॉच अवार्ड, सुंदरलाल बहुगुणा पर्यावरण अवार्ड सहित चार प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले हैं, जिनके साथ लाखों रुपये की पुरस्कार राशि भी निगम को प्राप्त हुई है। बोर्ड की पहली बैठक में महापौर के नेतृत्व में 56 निर्माण कार्यों के प्रस्ताव पारित हुए थे, जिनमें से लगभग सभी पर काम शुरू हो चुका है। इसके बाद हाल में हुई बैठक में बोर्ड ने 60 से अधिक विकास योजनाओं को मंजूरी दी है, जिनके पूरा होने पर रुद्रपुर का शहरी ढांचा एक नई दिशा में बढ़ने वाला है। महापौर ने कई ऐसे फैसले लिए जो दशकों तक किसी भी जनप्रतिनिधि में लागू करने का साहस नहीं था। मुख्य बाजार में ठेलियों और अतिक्रमण का सालों पुराना संकट उनकी प्राथमिकताओं में रहा। पहले गांधीगिरी दिखाते हुए व्यापारियों को गुलाब के फूल दिए गए, फिर भी सुधार न होने पर सख्त कार्रवाई और चालान किए गए। शुरुआती विरोध के बावजूद व्यापारियों ने भी अंततः महसूस किया कि यह कार्रवाई उनके और शहर दोनों के हित में है। आज बाजार की सूरत बदल रही है फुटपाथ खाली हैं, रास्ते खुले हैं, और खरीदारी करने वालों को सुगमता मिल रही है। मुख्य बाजार का वीर हकीकत राय मार्ग एक ‘मॉडल स्ट्रीट’ बनने जा रहा है, जिसके लिए करोड़ों रुपये का प्लान तैयार है और जल्द ही कार्य प्रारंभ होगा। महापौर की मुख्यमंत्री धामी से पुरानी मित्रता शहर के लिए वरदान साबित हो रही है। भाजपा युवा मोर्चा के दिनों से शुरू हुई यह नजदीकियाँ आज विकास की सौगातों के रूप में शहर को लाभ दे रही हैं। गांधी पार्क का सौंदर्यीकरण, हाईवे का चौड़ीकरण, अटरिया रोड चौड़ीकरण व अंडरग्राउंड नाला निर्माण, ट्रांजिट कैंप में रजत जयंती पार्क, मुख्य बाजार में फुटपाथ व नाली निर्माण, गंगापुर रोड और भूरारानी रोड चौड़ीकरण जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री से हरी झंडी पा चुके हैं। इसी माह सीएम धामी रुद्रपुर पहुंचकर शहर को करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का उपहार देने वाले हैं। महापौर विकास शर्मा ने अपनी पारदर्शी, निष्पक्ष और निर्णायक कार्यशैली से न सिर्फ प्रशासन को सक्रिय किया है, बल्कि विपक्षी दलों के लोगों को भी अपना प्रशंसक बना लिया है। रुद्रपुर आज विकास की नई राह पर है और यह स्पष्ट है कि महापौर विकास शर्मा शहर की नई तकदीर लिखने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।
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