सीएम धामी के प्रयास रंग लाये, उत्तराखंड की 184 ग्रामीण सड़कों को 1700 करोड़ की मंजूरी
उत्तराखण्ड सत्य, देहरादून
उत्तराखंड के पर्वतीय जनजीवन को सुदृढ़ आधार देने की दिशा में मंगलवार का दिन निर्णायक साबित हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुई विस्तृत बैठक में राज्य के कृषि क्षेत्र, ग्रामीण अवसंरचना और हालिया प्राकृतिक आपदा से प्रभावित इलाकों के पुनर्निर्माण को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक का सबसे अहम परिणाम रहा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत 184 नई ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए 1700 करोड़ रुपये की बड़ी मंजूरी। ये सड़कें कुल 1228 किलोमीटर लंबाई में बिछेंगी और दुर्गम क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को नई दिशा देने का काम करेंगी। मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में बताया कि हाल की विनाशकारी प्राकृतिक आपदा ने राज्य में व्यापक नुकसान पहुँचाया है। अकेले सड़क नेटवर्क की बात करें तो 946 ग्रामीण सड़कें और 15 पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इनके त्वरित पुनर्निर्माण के लिए लगभग 650 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। सीमित संसाधनों वाले पहाड़ी राज्य के लिए यह चुनौती और भी विशाल है, इसलिए मुख्यमंत्री ने केंद्र से विशेष सहयोग की मांग की। इसी क्रम में उन्होंने आपदा से क्षतिग्रस्त लगभग 5900 घरों की मरम्मत हेतु भी केंद्र से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र से संबंधित चुनौतियाँ भी विस्तार से रखीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के लगभग 90 प्रतिशत किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी के हैं और फसलों को जंगली जानवरों से होने वाली क्षति आज सबसे गंभीर समस्या बन चुकी है। इस संदर्भ में उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई-डीपीआर) के तहत फसलों की सुरक्षा के लिए घेराबंदी कार्यों को शामिल किए जाने पर केंद्र का आभार जताया। साथ ही अगले पाँच वर्षों तक हर वर्ष 200 करोड़ रुपये का बजट अलग से उपलब्ध करवाने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस विषय पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए अग्रिम धनराशि जारी करने का आश्वासन दिया, जिससे राज्य में घेराबंदी कार्य बड़े पैमाने पर शुरू हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने पीएम- आरकेवीवाई के अंतर्गत स्वच्छता एक्शन प्लानकृनमामि गंगे क्लीन अभियान के लिए वर्ष 2025-26 हेतु स्वीकृत 98 करोड़ रुपये को शीघ्र जारी करने का अनुरोध भी किया। केंद्रीय कृषि मंत्री ने सभी प्रस्तावों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने और राज्य की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का आश्वासन दिया। बैठक में सांसद महेंद्र भट्टð, कृषि एवं किसान कल्याण सचिव देवेश चतुर्वेदी, पीएमजी एसवाई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आलोक कुमार पांडेय और उत्तराखंड के स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बाद में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सहयोग से राज्य को मिली 1700 करोड़ की स्वीकृति उत्तराखंड के ग्रामीण जनजीवन में नई ऊर्जा भरेगी। उन्होंने कहा कि ‘समृद्ध ग्रामदृसमृद्ध उत्तराखंड’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह बड़ा कदम है, जो दुर्गम क्षेत्रें में आवागमन को आसान बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। धामी ने विश्वास जताया कि यह मदद न केवल आपदा बाद पुनर्निर्माण को रफ्तार देगी बल्कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए उत्तराखंड की प्रगति को भी मजबूत आधार देगी।

