1082 करोड़ की परियोजना अंतिम चरण में, मार्च 2026 से पहले जनता को समर्पण की तैयारी
उत्तराखण्ड सत्य, रूद्रपुर
रुद्रपुर। औद्योगिक, व्यापारिक और आवासीय दृष्टि से तेजी से विस्तार कर रहे रुद्रपुर के लिए रिंग रोड की परिकल्पना लंबे समय तक एक ऐसे सपने के रूप में देखी जाती रही, जिसे साकार कर पाना आसान नहीं था। शहर की बढ़ती आबादी, औद्योगिक गतिविधियों और पहाड़ी क्षेत्रें की ओर जाने वाले भारी यातायात के कारण वर्षों से रुद्रपुर को जाम की गंभीर समस्या से जूझना पड़ रहा था। इसी चुनौती को अवसर में बदलते हुए विधायक शिव अरोरा ने रुद्रपुर के लिए एक ऐसी विकास योजना का खाका तैयार किया, जिसने आज ठोस रूप ले लिया है। 1082 करोड़ रुपये की लागत से बन रही रुद्रपुर रिंग रोड परियोजना न केवल शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाएगी, बल्कि आने वाले वर्षों में शहरी विस्तार की दिशा और दशा भी तय करेगी। उल्लेखनीय है कि इस रिंग रोड का प्रयास पूर्व में किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा ठोस रूप से नहीं किया गया था। विधायक शिव अरोरा ने जिला अध्यक्ष रहते हुए ही इस परियोजना का प्रस्ताव रखा था और विधायक बनने से पहले ही इसे अपना संकल्प घोषित किया था। वर्ष 2022 में विधायक बनने के तुरंत बाद उन्होंने इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए स्वीकृति दिलाई और वर्षों से कागजों में सिमटी योजना को धरातल पर उतारने का कार्य शुरू कराया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का अनुबंध वर्ष 2023 में हुआ और 2024 में निर्माण कार्य औपचारिक रूप से प्रारंभ हुआ। प्रारंभिक योजना के अनुसार इसे अप्रैल 2026 तक पूर्ण किया जाना था, लेकिन वर्तमान कार्य प्रगति को देखते हुए यह तय समय से पहले ही पूर्ण होने की ओर अग्रसर है। विधायक शिव अरोरा का कहना है कि यह उत्तर भारत और उत्तराखंड के लिए एक उदाहरण बनने वाला प्रोजेक्ट होगा, जो समयबद्धता और गुणवत्ता दोनों का मानक स्थापित करेगा। हाल ही में विधायक शिव अरोरा ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) के अधिकारियों के साथ अपने कार्यालय में विस्तृत समीक्षा बैठक की, जिसमें निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता नियंत्रण और शेष बचे कार्यों की समय-सीमा पर चर्चा की गई। बैठक के उपरांत विधायक ने अधिकारियों के साथ एमेनिटी स्कूल के सामने बन रहे रिंग रोड खंड का स्थलीय निरीक्षण भी किया। मौके पर सड़क निर्माण, पुलों और आरओबी के कार्य, मिट्टðी भरान और सुरक्षा मानकों का बारीकी से जायजा लिया गया।एनएचआई अधिकारियों ने जानकारी दी कि रिंग रोड का मुख्य सड़क निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का कार्य भी पूर्णता के करीब है और केवल कुछ स्थानों पर आरओबी के आसपास मिट्टी भरान का कार्य शेष है, जिसे तेज गति से किया जा रहा है। इन कार्यों के पूर्ण होते ही रिंग रोड पूरी तरह से संचालन के लिए तैयार हो जाएगी। विधायक शिव अरोरा ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सांसद अजय भट्टð की विकासपरक सोच और सहयोग के बिना यह परियोजना संभव नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि यह रिंग रोड रुद्रपुर को जाम से बड़ी राहत दिलाने वाली है। दिल्ली और काशीपुर की ओर से आने वाले वे वाहन, जिन्हें पहाड़ी क्षेत्रें की ओर जाना होता है, अब रुद्रपुर शहर के भीतर प्रवेश किए बिना बिलासपुर रोड स्थित आरएएन स्कूल के पास से बागवाला होते हुए सिडकुल पारले चौक और आगे हल्द्वानी की दिशा में सीधे जा सकेंगे। इससे शहर के मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव उल्लेखनीय रूप से कम होगा। रिंग रोड के सामाजिक और आर्थिक प्रभावों पर बात करते हुए विधायक ने कहा कि यह परियोजना केवल एक वैकल्पिक मार्ग नहीं है, बल्कि रुद्रपुर के भविष्य का आधार है। रिंग रोड के आसपास आने वाले समय में नई आवासीय कॉलोनियां, व्यावसायिक केंद्र और औद्योगिक गतिविधियां विकसित होंगी। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और एक फ्नए रुद्रपुरय् की बसावट आकार लेगी, जो शहर के संतुलित विकास में सहायक होगी। करीब 20 किलोमीटर लंबी इस रिंग रोड का निर्माण गावर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। कंपनी द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है, ताकि परियोजना को समय से पहले पूर्ण किया जा सके। विधायक शिव अरोरा ने किच्छा रोड से लेकर राधास्वामी सत्संग घर तक रिंग रोड का निरीक्षण करते हुए कहा कि निर्माण कार्य लगभग अपने अंतिम चरण में है और बहुत जल्द इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।उ न्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2026 की शुरुआत रुद्रपुर और कुमाऊं क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात लेकर आएगी। यह रिंग रोड न केवल स्थानीय नागरिकों को राहत देगी, बल्कि पर्यटन, उद्योग और व्यापार को भी नई गति प्रदान करेगी। निरीक्षण के दौरान एनएचआई के पीडी अंचल जिंदल, डिप्टी मैनेजर रक्षित यादव, साइट इंजीनियर तुषार गुप्ता, प्रोजेक्ट मैनेजर विनोद सिंह सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कुल मिलाकर, रुद्रपुर रिंग रोड परियोजना उस विकासशील सोच का प्रतीक बनकर उभर रही है, जिसमें दूरदर्शिता, राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक समन्वय स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। जो योजना कभी एक सपने जैसी प्रतीत होती थी, वह अब साकार होकर रुद्रपुर के विकास इतिहास में एक स्थायी अध्याय लिखने को तैयार है।
रुद्रपुर रिंग रोडः एक नजर में
1082 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही रुद्रपुर रिंग रोड परियोजना शहर के अब तक के सबसे बड़े आधारभूत ढांचागत कार्यों में शामिल है। लगभग 20 किलोमीटर लंबी यह रिंग रोड रुद्रपुर को चारों ओर से जोड़ते हुए दिल्ली, काशीपुर और पहाड़ी क्षेत्रें की ओर जाने वाले यातायात को सीधा और सुगम मार्ग प्रदान करेगी। वर्ष 2023 में अनुबंध और 2024 में निर्माण आरंभ होने के बाद यह परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और मार्च 2026 से पहले जनता को समर्पित किए जाने की संभावना है। इस रिंग रोड पर आधुनिक मानकों के अनुरूप चौड़ी सड़क, रेलवे ओवरब्रिज, मजबूत ड्रेनेज सिस्टम और सुरक्षा उपायों को शामिल किया गया है। इसके संचालन में आने के बाद रुद्रपुर शहर के बीचोंबीच लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही रिंग रोड के आसपास नए आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रें के विकास की संभावनाएं भी प्रबल होंगी, जिससे रोजगार, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। कुल मिलाकर, यह परियोजना रुद्रपुर के वर्तमान यातायात संकट का समाधान होने के साथ-साथ भविष्य के योजनाबद्ध विकास की आधारशिला मानी जा रही है।

