नई दिल्ली। लाल किले के गौरवशाली प्रांगण में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित दिव्य समागम के दूसरे दिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पहुंचे। उन्होंने गुरु तेग बहादुर साहिब जी के चरणों में नमन करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित कर देशवासियों से उनकी शिक्षाओं को आत्मसात करने का आह्वान किया।
अमित शाह ने कहा कि यह पवित्र समागम हमें स्मरण कराता है कि दिल्ली केवल एक राजधानी नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, विरासत और राष्ट्रभक्ति का अखंड प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस आयोजन की गरिमामयी उपस्थिति यह विश्वास दिलाती है कि केंद्र सरकार सिख परंपरा, शौर्य और बलिदान की गौरवशाली विरासत को राष्ट्रीय सम्मान देने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

गृहमंत्री ने कहा कि सिख इतिहास, वीरता और अध्यात्म के सम्मान के प्रति सरकार का यह समर्पण, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का सशक्त अध्याय बन रहा है।
उन्होंने गुरु तेग बहादुर साहिब जी के सर्वाेच्च बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन हमें यह संदेश देता है कि धार्मिक स्वतंत्रता, मानवीय गरिमा और सत्य की रक्षा करना हमारा शाश्वत राष्ट्रधर्म है।
अमित शाह ने कहा कि इसी प्रेरणा के अनुरूप दिल्ली को संस्कृति-समृद्ध, सेवा-निष्ठ और राष्ट्र-समर्पित राजधानी बनाना सरकार का दृढ़ और सतत संकल्प है।

