श्रद्धांजलि और सेवा का संगमरू, स्वास्थ्य शिविर से महकी मानवता
धवर्रा/नौगांव (सतना)। सेवा, त्याग और ममता की प्रतिमूर्ति स्व. श्रीमती शांति मिश्रा की नौवीं पुण्यतिथि के अवसर पर नीलकंठ धाम, धवर्रा में श्रद्धा और जनसेवा का एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास द्वारा आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में न केवल दिवंगत पुण्यात्मा को पुष्पांजलि अर्पित की गई, बल्कि श्नर सेवा ही नारायण सेवाश् के संकल्प को चरितार्थ करते हुए सैकड़ों ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की सौगात दी गई। इस विशेष अवसर पर आयोजित 49वें विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में स्वास्थ्य के विभिन्न आयामों पर कार्य किया गया, जिससे क्षेत्र के गरीब और असहाय परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई।

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. मनोज प्रजापति ने कहा कि माँ शांति मिश्रा का संपूर्ण जीवन संस्कारों की एक जीवित मिसाल रहा है, जिनकी प्रेरणा से आज समाज का अंतिम व्यक्ति लाभान्वित हो रहा है। इसी कड़ी में न्यास की गतिविधियों और सेवा कार्यों पर आधारित वार्षिक पत्रिका ‘नवम पुष्प’ का विमोचन डॉ. भरत पाठक, पूर्व विधायक पी.एल. तंतुवाय और वृजकिशोर गुप्ता सहित अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा किया गया। डॉ. भरत पाठक ने न्यास के कार्यों की सराहना करते हुए इसे सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम बताया। कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह ने चित्रकूट के वरिष्ठ समाजसेवी पद्मश्री डॉ. बी.के. जैन और भीमकुंड के परम पूज्य शंकर्षणाचार्य जी महाराज को भी दो मिनट का मौन रखकर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

जनसेवा के विस्तृत विवरण को साझा करते हुए श्रीराम रिछारिया ने बताया कि इस बार के शिविर में तकनीक और चिकित्सा का अनूठा समन्वय देखने को मिला। सद्गुरु सेवा संघ, चित्रकूट के कुशल चिकित्सकों ने 372 लोगों के नेत्रों की गहन जाँच की, जिनमें से मोतियाबिंद से ग्रसित 42 मरीजों को तत्काल ऑपरेशन हेतु बस द्वारा चित्रकूट रवाना किया गया। वहीं श्रवण बाधित लोगों के लिए भी शिविर वरदान साबित हुआ, जहाँ 124 लोगों के कान की जाँच के पश्चात 25 जरूरतमंदों को आधुनिक हियरिंग मशीनें प्रदान की गईं, ताकि वे पुनः समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। इसके साथ ही श्चलता-फिरता अस्पतालश् के माध्यम से कुल 308 मरीजों की बीपी और शुगर जैसी 23 अलग-अलग प्रकार की पैथोलॉजिकल जाँचें कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।
न्यास के अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र ने अपनी माँ की स्मृतियों को नमन करते हुए घोषणा की कि आगामी 2 अगस्त 2026 से माँ शांति मिश्रा का जन्मशती वर्ष प्रारंभ होने जा रहा है। इसे सेवा न्यास द्वारा पूरे वर्ष विशेष सेवा प्रकल्पों और विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2 अगस्त 1927 को जन्मी श्रीमती शांति मिश्रा ने अपना संपूर्ण जीवन परिवार और समाज के कल्याण में समर्पित कर दिया था और वर्ष 2017 में उनके अवसान के बाद भी न्यास उनके पदचिह्नों पर चलने का प्रयास कर रहा है।
इस भव्य आयोजन में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों जैसे प्रयागराज, प्रतापगढ़, महोबा, झांसी, सागर, पन्ना और टीकमगढ़ से भारी संख्या में समाजसेवी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। नीतेश पाण्डेय, विजय मिश्रा, बबलू बुधोलिया, वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने कार्यक्रम में अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने खेल परिसर पहुँचकर पं. गणेश प्रसाद मिश्र की प्रेरणा मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके लोक-कल्याणकारी विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

